Corona Virus: अमेरिका में हुई पहली मौत, प्रतिबंधित हुई ईरान, इटली और दक्षिण कोरिया की अतिरिक्त यात्रा

कोरोना वायरस से अबतक कई लोगों की मौत हो चुकी है. चीन से ये वायरस फैलते-फैलते कई दूसरे देशों तक पहुंच चुका है. हाल ही में अमेरिका ने ईरान, इटली और दक्षिण कोरिया के लिए अतिरिक्त यात्रा प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हाल ही में अमेरिका में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई. ये पहली मौत है . अमेरिका ने यह कदम देश में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए उठाया है. हालांकि उसकी पहचान उजागर नहीं की गई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक किसी अज्ञात जगह से संक्रमण का शिकार हुए व्यक्ति का वाशिंगटन स्टेट में निधन हुआ.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हम ऐसे हर व्यक्ति की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने हैं जिसने पिछले 14 दिनों में ईरान की यात्रा की होगी। हमारे पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पेशेवर स्वास्थ्यकर्मी हैं, हम निश्चित तौर पर ईरानियों की सहायता करना चाहते हैं, उन्हें केवल मदद मांगने की जरूरत है.

कोरोना से त्रस्त चीन के वुहान से आए 112 लोगों की ताजा खेप के सभी सदस्य फिलहाल इस खतरनाक वायरस केमुक्त हैं। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छावला स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे इन लोगों के खून के सैंपल एम्स में टेस्ट कराए गए। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से सभी का कोरोनावायरस टेस्ट निगेटिव आया है।

112 लोगों के इस खेप में 76 भारतीय और 36 विदेशी नागरिक हैं। इनमें 5 बच्चे और आठ परिवार हैं। विदेशी नागरिकों में चीन से छह, बांग्लादेश के 23, म्यांमार व मालदीव से दो और अमेरिका, मेडागास्कर व दक्षिण अफ्रिका के एक एक नागरिक हैं।

आईटीबीपी से जारी सूचना केमुताबिक सभी 112 लोगों को 14 दिन तक कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। अगर इनमें से किसी में भी कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो उन्हें फौरन वहीं बने अलग विभाग में ले जाया जाएगा। अगर सब कुछ सामान्य रहा तो 14 दिन बाद एक बार फिर इनका टेस्ट होगा। उस टेस्ट में भी रिपोर्ट निगेटिव आती है तो इन्हें अपने घर जाने की इजाजत दे दी जाएगी। आईटीबीपी के मुताबिक इन्हें क्वारंटाइन सेंटर में सभी सुविधाओं के साथ रखा गया है। हरेक दिन सुबह शाम इनकी जांच की जा रही है।

जम्मू में इस सीजन में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया है। जम्मू निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिलने पर टेस्ट किया गया। इसके पॉजीटिव पाए जाने पर मरीज को टैमी फ्लू की दवा दी जा रही है। मरीज को घर पर अलग से रखा गया है। तीन दिन पहले ही जांच सैंपल भेजे गए थे।

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग का बेटा दिल्ली में रहता है, जिसे स्वाइन फ्लू हुआ था। स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने के बाद बेटा कुछ समय पहले जम्मू आया था। डॉक्टर मान रहे हैं कि बेटे के संपर्क में आने से ही उन्हें भी स्वाइन फ्लू हो गया।

इस समय कोरोनावायरस को लेकर निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने से नई स्वास्थ्य विभाग के सामने नई चुनौती बन गई है। हालांकि तापमान में बढ़ोतरी से एच1एन1 वायरस के अधिक सक्रिय होने की आशंका कम हो जाती है लेकिन मरीज के संपर्क में आने से आसपास के लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।

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