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देश में Corona का तांडव, अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी, मरीज परेशान

अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी के चलते मरीजों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Corona virus) की दूसरी लहर बेहद ज्यादा ही खतरनाक साबित हो रही है। जिसकी चपेट में आए दिन कई लोग कोरोना का शिकार बनते जा रहे है। दूसरी तरफ संक्रमण के बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी के चलते मरीजों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। कई राज्यों के सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है।

ऑक्सीजन और रेमडेसिविर

महाराष्ट्र के जिले नागपुर में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। एक व्यक्ति ने कहा, 8 दिन से मरीज लेकर घूम रहा हूं। कहा जाता है आप ऑक्सीजन और रेमडेसिविर लाइये तभी बेड मिलेगा। एंबुलेंस वाले बोलते हैं आपके पास बेड होगा तभी हम आएंगे नहीं तो नहीं आएंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और उनके अधीन आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को अपने अस्पतालों के बेड राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना प्रबंधन के लिए देने के लिए पत्र लिखा है।

12 मरीजों की मौत

शहडोल (Shahdol) मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत पर जिलाधिकारी ने बताया कि ऑक्सीजन नहीं होने से कोई मौत नहीं हुई है। अस्पताल अधीक्षक ने बताया था कि सुबह 8 बजे तक 6 मौतें हुई हैं और ये ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई हैं। ये गंभीर मरीज थे जिनको पहले से कोई बीमारी थी।

लखनऊ में बड़े स्तर पर सैनिटाइजेशन

उत्तर प्रदेश में लागू लॉकडाउन के बीच लखनऊ में बड़े स्तर पर सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। लखनऊ की प्रभारी जिलाधिकारी रोशन जैकब (Roshan Jacob) ने बताया, आज नगर निगम द्वारा सैनिटाइजेशन का विशेष ​अभियान चलाया जा रहा है जिसमें सभी संवेदनशील जगह और कंटेनमेंट जोन को एक दिन में कवर किया जा रहा है।

वायरस से जीतने के लिए रणनीति

प्रधानमंत्री ने वाराणसी में कोविड-19 पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बातचीत की। प्रधानमंत्री ने टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट पर जोर देते हुए कहा कि पहली वेव की तरह ही वायरस से जीतने के लिए यही रणनीति वायरस से जीतने के लिए यही रणनीति अपनानी होगी।

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