CoronaVirus Vaccine: देशी टीके का परीक्षण पहुंचा तीसरे चरण में

नई दिल्ली: दुनिया भर में तेजी से पांव पसारते कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए दुनिया भर के देश तमाम वैक्सीन का ट्रायल कर रहे हैं.अब भारत की भी एक कोरोना वैक्सीन का ट्रायल तीसरे चरण में पहुँच गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से बताया था कि देश में तीन-तीन वैक्सीन पर काम हो रहा है. साथ ही इसे लेकर मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने देश में कोरोना वैक्सीन की स्थिति को लेकर जानकारियां दी.

एक स्वदेशी वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल होगा शुरू

डॉक्टर वी के पॉल ने कहा कि देश में कोरोना की तीन वैक्सीन पर काम हो रहा है, जो अलग-अलग चरणों में हैं. इसमें से एक वैक्सीन बुधवार को ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंच जाएगी, जबकि अभी अन्य दो वैक्सीन पहले और दूसरे चरण में हैं. लेकिन उन्होंने वैक्सीन का नाम नहीं बताया. ना ही वैक्सीन के नतीजों पर ही कुछ बोले.

जांच में आई है तेजी

राजेश भूषण ने कहा कि ‘जुलाई महीने के पहले सप्ताह में लगभग दो लाख 30 हजार औसत परीक्षण देशभर में होते थे. अब ये संख्या बढ़कर आठ लाख आठ हजार औसत परीक्षण प्रति सप्ताह हो गई है. देश में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से मृत्यु दर भी दो फीसदी से नीचे गिरकर 1.92 फीसदी पर आ गई है. साप्ताहिक औसत मृत्यु दर 1.94 फीसदी हो गई है.’

 

बीमारी के नए रूप पर भी की बात

नीति आयोग के सदस्य डॉ. पाल ने कहा कि ‘बीमारी का एक नया आयाम सामने आ रहा है. वैज्ञानिक और चिकित्सकीय समुदाय इस पर नजर रखे हुए हैं. हमें इस बारे में जागरूक होना होगा कि इसका बाद में भी कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन अभी के हिसाब के दूरगामी परिणाम या प्रभाव खतरनाक नहीं हैं. ‘

कुछ मरीजों में संक्रमण के बाद के लक्षण दिखने के मामलों को लेकर उन्होंने कहा, ‘जैसा कि हम इसे समझ पाए हैं, हम इलाज के उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे.इसके बारे में अभी सीखा जा रहा है और अध्ययन किया जा रहा है. चिकित्सकीय समुदाय इस पर प्रतिक्रिया दे रहा है।’

 

देश में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या घटी

राजेश भूषण नेयह भी कहा कि ‘कोविड-19 के प्रतिदिन नए मामलों और बीमारी के कारण होने वाली मौत के मामलों में 13 अगस्त से गिरावट देखी गई है. हालांकि, मंत्रालय ने कोई ढिलाई बरते जाने को लेकर चेतावनी दी और कहा कि पांच दिन की गिरावट महामारी के संदर्भ में एक छोटी अवधि है.’

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