यमुना में अमोनिया की मात्रा बढ़ने के कारणों का अध्ययन करेगी सीपीसीबी

नई दिल्ली: यमुना नदी (Yamuna River) के पानी में अमोनिया के बढ़ते स्तर के कारणों एवं उनके निदान पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक संयुक्त अध्ययन समूह का गठन किया है।

 

सीपीसीबी (Central Pollution Control Board) ने सोमवार को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग हरियाणा तथा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग दिल्ली के साथ यमुना नदी के पानी में अमोनिकल नाइट्रोजन के बढ़ते स्तर पर एक बैठक बुलायी। बैठक में इस समस्या के तात्कालिक तथा दीर्घकालिक उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि यमुना के पानी में अमोनिया के बढ़ते स्तर का कारण हरियाणा शहरों में अशोधित गंदा पानी सीधे नदी में बहाया जाना, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषित जल और जल शोधन संयंत्रों से सीधे नदी में छोड़ा जाने वाला पानी हो सकता है।

अध्ययन समूह में दिल्ली जल बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग हरियाणा और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग दिल्ली के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समूह नदी में अमोनिया के बढ़ते स्तर के कारणों का पता लगाने के साथ ही उन जगहों की पहचान करेगा जहां से प्रदूषित जल यमुना में छोड़ा जा रहा है। साथ ही समूह समस्या के निदान के उपाय भी सुझाएगा।

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