CPIM ने ली राम की शरण, राज्य भर में करेगी रामायण सम्मेलन का आयोजन

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बैंगलुरु: राजनीति में अपना अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भगवान राम की शरण ले ली है. दरअसल, सीपीआई (एम) अब मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम पर राजनीतिक सत्ता हासिल करने का निर्णय किया है. इसके लिए पार्टी 17 जुलाई से एक महीने तक रामायण महीना आयोजित करेगी. इसके अलावा 25 जुलाई को बड़े स्तर पर रामायण सम्मेलन का आयोजन करेगी.

मिली जानकारी के मुताबिक, सीपीआई (एम) 15 जुलाई से लेकर 15 अगस्त राज्य के 14 जिलों में रामायण पर लेक्चर आयोजित करेगी. इस दौरान पार्टी पूरे राज्य में बूथ लेवल तक जाएगी और रामायण और भगवान राम के बारे में जागरुकता फैलाएगी. दरअसल, केरल में 17 जुलाई से कारकीडकम माह मनाया जाता है, जिस दौरान रामायण को घर-घर में सुनाया जाता है.

स्थानीय मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में राज्य संयोजक टी तिलकराज ने कहा कि अभी तक राम के नाम पर कई राजनीतिक पार्टियां इसका लाभ ले रही थी और गलत तरह से लोगों को भ्रमित कर रही थी. अब हम जनता के बीच जाकर असली राम के बारे में बताएंगे. इसीलिए पार्टी रामायण महीना आयोजित कर रही है.

इस पूरे महीने में पार्टी की ओर से जगह-जगह कई रैलियां आयोजित होंगी, जिनमें वाद-विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा. कहा जा रहा है कि इस आयोजन के लिए पार्टी ने तैयारियां करनी शुरू कर दी हैं. पार्टी से जुड़े लोगों, विद्वानों और अध्यापकों को संस्कृत और स्थानीय भाषा में रामायण दी जा रही है. जिससे वाद-विवाद में कोई दिक्कत ना आ सके.

हालांकि यह पहला मौका नहीं जब किसी राजनीतिक किसी दल ने भगवान राम को चुना हो. पहले भी कई दलों ने राम को चुनकर सियासी चमक हासिल की है. ऐसे में केरल की सत्ताधारी सीपीआईएम सरकार भी अब राम नाम की शरण में जाती हुई दिख रही है. इसका बड़ा कारण पार्टी का धीरे-धीरे संकुचित होने भी कहा जा रहा है. दरअसल, केरल अब देश में इकलौता ऐसा राज्य है, जहां पर वामपंथी पार्टी की सरकार है. वहीं लेफ्ट से राज्य की सत्ता छीनने के लिए आरएसएस और बीजेपी भी पिछले कुछ दिनों से बूथ लेवल पर काम कर रहे हैं.

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