यूपी में महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध बढ़े

लखनऊ। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों का ठीकरा अखिलेश सरकार पर फोड़ा है। पार्टी ने कहा है कि सैफई महोत्सव में मगन प्रदेश सरकार को महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार की आवाजें नहीं सुनाई पड़ रही हैं।

अलीगढ़ के हरदुआगंज में पांच दिन पहले स्कूल जाते वक्त एक बेटी के साथ अपराधियों ने दरिंदगी करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी लेकिन पुलिस अबतक एक भी अपराधी को पकड़ नहीं पाई है।

प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने आरोप लगाया कि सपा अपराधियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं, बेटियां ही नहीं सूबे में बच्चों के यौन शोषण के मामले में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। पिछले नौ महीनों के दौरान ही बालक-बालिकाओं के साथ यौन उत्पीडन के तमाम मामले ‘‘रानी लक्ष्मी बाई महिला स्वाभिमान’’ कोष में दर्ज हो चुके हैं। मोटे तौर पर प्रति दिन तीन बच्चों का यौन शोषण हो रहा है। जिसके गवाह सरकारी आंकड़े हैं हालांकि इतर स्थिति और भी भयावह है।

पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में खुद हिंसा का सहारा ले रही सपा

पार्टी ने कहा कि सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अपने चहेते उम्मीदवारों को जिताने के लिए अपने सारे चिरपरिचित दांव आजमाने शुरू कर दिए हैं। अपराधियों और माफियाओं को जिला पंचायत अध्यक्ष जितवाने का टारगेट दिया गया है। यही वजह है कि इस चुनाव के दौरान अचानक हिंसा में बढ़ोत्तरी हो गई है।

चन्द्रमोहन ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों को डरा-धमकाकर या धन का लोभ देकर सपा प्रत्याशी के पक्ष में खड़े होने का दबाव डाला जा रहा है। सपा की इस रणनीति का पार्टी के भीतर ही विरोध शुरू हो गया है। हालांकि इस विरोध को दबाने के लिए सपा ने अपने विश्वसनीय युवा नेताओं को पार्टी से बाहर करने का दिखावा किया है ताकि दूसरे नेता पार्टी में बढ़ रहे बाहुबल के खिलाफ बोलने की हिम्मत न कर सकें।

 

 

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