नवरात्री में देवभूमि हिमाचल के मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, सुरक्षा चाक-चौबंद

 

नवरात्री में देवभूमि हिमाचल के मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, CCTV की सुरक्षा चाक-चौबंद

शिमला: देवभूमि हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल में कल से शुरू हुये नवरात्र त्योहार में कड़ी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये हैं ताकि भक्तगण कोरोना के नियमों का कड़ाई से पालन कर सकें। नवरात्रों में माता के मंदिरों में कल प्रथम नवरात्रे पर मंदिरों में झंडा चढ़ाने की रस्में भी अदा की गई। मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया संवारा गया है।

कोरोना के डर तथा उत्तर राज्यों में बस सेवा प्रभावित रहने के कारण इस बार पहले की तरह भीड़भाड़ तो नहीं नजर आयी फिर भी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लम्बी लम्बी कतारें दिखाई दीं। पहले दिन हजारों लोगों ने मंदिरों में मॉं शैलपुत्र स्वरूप की पूजा की। उतरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्रीनैना देवी में भी नवरात्रे झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ शुरू हो गए। प्रथम नवरात्र के उपलक्ष्य पर श्रद्धालुओं ने हवन यज्ञ व पूजा अर्चना की और अपने अपने घरों परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना की।

ऊना जिले में माता चिंतपूर्णी, कांगडा जिले में माता ज्वालाजी, विजेश्वरी और माता चामूड़ा, शिमला में तारादेवी और कालीबाड़ी के इलावा सिरमौर जिले में माता बालासुंदरी त्रिलोकपुर सहित सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किये गए हैं।

मंदिर रोजाना सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक

चिंतपूर्णी मंदिर के एक अधिकारी जीवन कुमार ने बताया कि पर्व के मद्देनजर कोरोना वायरस प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि मंदिर रोजाना सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि वह हर दिन पंद्रह हजार से बीस हजार से अधिक लोगों के आने की उम्मीद कर रहे हैं। इसके अलावा बिलासपुर जिले में नैना देवी मंदिर, कांगड़ा जिले में ज्वालाजी और चामुंडा देवी मंदिर, हमीरपुर जिले में बाबा बालक नाथ मंदिर, और शिमला जिले में भीमाकाली और हाटेश्वरी मंदिरों में हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी है।

नवरात्र में ऑनलाइन ‘दर्शन’ करने की सलाह दी

उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख मंदिरों में भीड़ का प्रबंधन करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे लगाए गए हैं। कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लगभग छह महीने तक बंद रहने के बाद 10 सितंबर को राज्य के मंदिरों को फिर से खोल दिया गया। जो लोग मंदिर नहीं जा सकते, उन्हें सरकार ने ब्रजेश्वरी देवी, नैना देवी, चिंतपूर्णी और ज्वालाजी मंदिरों के ऑनलाइन ‘दर्शन’ करने की सलाह दी है। वे ऑनलाइन प्रसाद भी ले सकेंगे। इसके अलावा प्रसिद्ध मंदिर माता चिंतपूर्णी ने जुलाई में इंडिया पोस्ट के माध्यम से ‘प्रसाद भोग’ की होम डिलीवरी भी शुरू की थी।

ये भी पढ़े: यूपी: तीन साल की मासूम के साथ दुष्कर्म की कोशिश में 75 वर्षीय बुजुर्ग को सात साल कैद 

Related Articles

Back to top button