अद्भुत उछाल से सात साल के हाई लेवल पर पहुंचा crude

नई दिल्ली : डिमांड और सप्लाई की उलझन से जूझते हुए मंगलवार को crude देश में 5,800 रुपये प्रति बैरल से अधिक हो गया। आपको बता दें  ओपेक देशों के प्रोडक्शन न बढ़ाने के फैसले के बरकरार रहने से ब्रेंट क्रूड का प्राइस सोमवार को अस्सी डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गया था।

crude में उछाल की वजह ओपेक का प्रोडक्शन घटना है

इस कड़ी में आपकी जानकारी के लिए बता दें इस दौरान वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड में भी एक दिशमलव सोलह फीसद की उछाल दर्ज की गयी जिसके बाद एज अठत्तर डॉलर प्रति बैरल हो गया। इस कड़ी में एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज), तपन पटेल ने कहा, “ओपेक ने क्रूड के प्रोडक्शन में एग्रीमेंट के अनुसार कम गति से बढ़ोतरी करने के फैसले से प्राइसेज में तेजी आई है। क्रूड ऑयल प्राइसेज के लिए रेजिस्टेंस अस्सी डॉलर और सपोर्ट छियत्तर डॉलर प्रति बैरल पर है। एमसीएक्स पर क्रूड के लिए सपोर्ट 5,720 रुपये और रेजिस्टेंस 5,860 रुपये पर है।”

आपको बता दें इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी इस कड़ी में बयान जारी कर कहा है कि कोल और नेचुरल गैस की डिमांड कोरोना से पहले के हाई लेवल से अधिक हो गई है। जिसकी वजह से क्रूड की खपत में भी बढ़ोतरी हो रही है।

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