Workout जितना असरदार 15-20 मिनट की साइक्लिंग, जानिए क्यों मनाया जाता World Bicycle Day, क्या है खास मैसेज

साइकिल का सफर कई सालों पुराना हो चुका है। आज World Bicycle Day हैं, इसे बनाने के पीछे जो सोच थी वो लोगों की सुविधा से जुड़ी थी जो बदलते वक्त के साथ अब फिटनेस का भी जरिया बन चुकी है।

नई दिल्ली: साइकिल का सफर कई सालों पुराना हो चुका है। साइकिल बनाने के पीछे जो सोच थी वो लोगों की सुविधा से जुड़ी थी जो बदलते वक्त के साथ अब फिटनेस का भी जरिया बन चुकी है। टिकाऊ होने के साथ ही कम खर्च और लागत में चलने वाला वाहन है साइकिल। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से लेकर तमाम बड़े ऑर्गनाइजेशंस की रिसर्च भी यह बताती है कि रोजाना आधे घंटे की साइक्लिंग से बॉडी तो फिट रहती ही है साथ ही मानसिक परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है। आज वर्ल्ड साइकिल डे (World Bicycle Day) पर जानेंगे साइकिल से होने वाले सेहत के फायदे…

वर्कआउट जितना ही असरदार 

साइक्लिंग करने से बॉडी के एक्स्ट्रा फैट के साथ बैड कोलेस्ट्रॉल को भी कम किया जा सकता है और तो और ये बढ़ती उम्र के असर को भी कम करने का बेहतरीन जरिया है। जिम जाकर डंबल, पुशअप्स, स्क्वॉट्स लगाने जितना ही असरदार है साइक्लिंग करना।

डेली साइकिल चलाने से भविष्य में जोड़ों के दर्द की शिकायत नहीं होती और अगर थोड़ी-बहुत प्रॉब्लम है तो वो काफी हद तक कम हो जाती है। लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि साइक्लिंग के वक्त यह ध्यान रखना कि आपके ज्वॉइंट्स 90 डिग्री पर मूव हो रहे हों।

तनाव रहता है दूर

साइक्लिंग करने से तन के साथ मन भी फिट रहता है। अवसाद (Depression) तनाव जैसी परेशानियां कोसों दूर रहती हैं। साइकिल चलाने से हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर जैसी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा न के बराबर हो जाता है।

World Bicycle Day क्यों मनाा जाता है?

साइकिल का उपयोग बढ़ाने का मतल ग्रीनहाउस गैस का कम उत्सर्जन- साइकिलिंग कार्बन डाइऑक्सीइड उत्सर्जन कमी में योगदान करती है क्योंकि उसमें स्वाभाविक जीरो उत्सर्जन मान होता है। साइकिलिंग स्वस्थ जीवन की ओर ले जाती है- साइकिलिंग से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस, मांसपेशी की ताकत और लचीलापन में वृद्धि होती है। ये जोड़ की गतिशीलता को सुधारती है और तनाव के लेवल को कम करने में मदद करती है।

साइकिलिंग से पैसे की बचत होती है- साइकिल परिवहन के लिए सबसे सस्ता जरिया है। कार, बाइक में तेल का इस्तेमाल होता है और तेल के लिए पैसा खर्च करना पड़ता है। वाहन के खराब होने पर अच्छी खासी रकम खर्च होती है, जबकि साइकिल से यात्रा करने में इसका जोखिम नहीं है।

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2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 3 जून को विश्व बाइसिकिल दिवस के तौर पर घोषित किया। इस साल दुनिया में चौथा विश्व बाइसिकल दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन कोविड-19 के सोशल डिस्टेंसिंग नियमों की वजह से लोग अपने-अपने देशों में साइकिलिंग कार्यक्रम आयोजित नहीं कर पाएंगे। लेकिन, आप इस खास दिन पर अपने परिजनों और दोस्तों को शुभकामना, संदेश भेजकर मना सकते हैं।

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