झारखंड में Cyclone Yaas का तांडव, यूपी-बिहार में रेड अलर्ट, नदियों का उफान बढ़ा

मौसम विभाग IMD ने (Cyclone Yaas) की वजह से आज और कल के लिए झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट की चेतावनी जारी की है

नई दिल्ली: मौसम विभाग IMD के वैज्ञानिक राजेंद्र कुमार जेनामनी ने बताया कि चक्रवात तूफान यास (Cyclone Yaas) की वजह से आज रात और कल बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश होगी। बिहार (Bihar) में काफी बारिश होगी। आज और कल के लिए झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। तूफान का प्रभाव अभी 36 घंटे रहेगा।

IMD के वैज्ञानिक ने बताया कि सुबह 8: 30 पर जमशेदपुर के 75 किलोमीटर पश्चिम में है। अभी भी तीव्र है। झारखंड  (Jharkhand) में कुछ जगहों पर हवा की गति 50-60 किलोमीटकर प्रति घंटे है। आज रात धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा। इसका प्रभाव अभी कल रात तक रहेगा। उत्तर झारखंड में भारी से भारी बारिश होगी।

बारिश से बाढ़ जैसे हालात

झारखंड के रांची (Ranchi) में चक्रवात यास (Cyclone Yaas) की वजह से हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, कल से यहां बारिश हो रही है इसलिए यहां का रास्ता ब्लॉक हो गया है। हम यहां पिछले 30-35 साल से रह रहे हैं और जब भी बारिश होती है तो यहां पानी ऐसे ही भर जाता है।”

मौसम विभाग (IMD)  के मुताबिक अक्षांश 22.9°N और देशांतर 85.5°E के पास, जमशेदपुर से लगभग 70 किमी पश्चिम-उत्तर पश्चिम और रांची (झारखंड) से 65 किमी दक्षिण-पूर्व में। सिस्टम के लगभग उत्तर की ओर बढ़ने और अगले 03 घंटों के दौरान एक डिप्रेशन में कमजोर होने की संभावना है। इसके साथ ही झारखंड में चक्रवात यास की वजह से रांची में तेज बारिश हो रही है। बारिश के कारण नदी का पानी बढ़ा है।

ओडिशा/पश्चिम बंगाल में नुकसान

ओडिशा (Odisha) के भद्रक जिले के बासुदेवपुर में चक्रवात यास की वजह से रिहायशी इलाकों में पानी घुसा हुआ है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चक्रवात यास से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।

पश्चिम बंगाल (West Bengal ) के पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा तटीय क्षेत्र में चक्रवात यास की वजह से कई दुकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। एक दुकानदार ने बताया, दुकान में करीब डेढ़ लाख रुपए का सामान था वो सब पानी में खराब हो गया। इसके पहले जो भी चक्रवात आया उससे इतना नुकसान नहीं हुआ था। चक्रवात यास की वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा बॉर्डर पर दत्तापुर पल्ली में गिरे हुए पेड़ों को NDRF की टीमें रास्ते से हटाने का काम कर रही हैं।

यह भी पढ़ेरक्षा मंत्री Rajnath Singh ने लॉन्च किया SeHAT ओपीडी पोर्टल, मरीजों को मिलेगी सुविधा

Related Articles