दलित उत्पीड़न मामले ने पकड़ा तूल, भाकपा (माले) का एक जांच दल आजमगढ़ रवाना

लखनऊ। दो अप्रैल को भारत बंद में भागीदारी करने बड़ी संख्या में पहुंचे दलितों के साथ हुए उत्पीड़न को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने कदम बढ़ाया है। दरअसल, दलितों के उत्पीड़न को लेकर भाकपा (माले) को कई शिकायतें प्राप्त हुई थी। भाकपा (माले) ने अब इस मामले की जांच के लिए एक  दल का गठन किया है, जो राज्य सचिव सुधाकर यादव के नेतृत्व में आजमगढ़ रवाना हो गया है।

इस दल में भाकपा (माले) के राज्य सचिव के अलावा  पाटी की राज्य स्थायी (स्टैंडिंग) समिति के सदस्य ओमप्रकाश सिंह और किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण शामिल हैं। जांच दल आजमगढ़ जिले में सगड़ी तहसील अंतर्गत जियनपुर और आसपास के गांवों में दलितों के प्रशासनिक उत्पीड़न के गंभीर आरोपों की जांच करेगा।

इस बात की जानकारी देते हुए पार्टी नेता अरुण कुमार ने रविवार को बताया कि पार्टी की सात अप्रैल को राजधानी में हुई स्थायी समिति की बैठक में आजमगढ़ जिले में दलितों विशेष रूप से युवाओं की भारत बंद में हिस्सेदारी करने के कारण बड़ी संख्या में उनके खिलाफ मुकदमे कायम करने और पुलिस द्वारा आतंकित किए जाने के आरोप प्राप्त हुए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर भेजने के लिए जांच दल का गठन किया गया। जांच दल घटना स्थल से तथ्यों का पता करने के बाद जांच रिपोर्ट जारी करेगा।

 

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