मौत बांट रहा है इफ्को प्लांट

ifco plant 2इलाहाबाद। शहर के उत्तरी छोर पर जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर किसानों के फसल उत्पादन और सुविधा बढ़ाने के लिए इफ्को यूरिया प्लांट की स्थापना की गई थी लेकिन लापरवाही और नियमों को ताक पर रखने की वजह से यह प्लांट   लोगों के लिए जानलेवा हो गया है।

फूलपुर इलाके मे इफको प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण से लोगों का बुरा हाल है। प्लांट  के आस-पास के गांवों के लोग प्रदूषण का दंश बुरी तरह झेल रहे हैं। जिस  बजह से उनके जीवन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इसकी शिकायत कई बार ग्रामीण जिला प्रशासन और इफ्को प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके  न तो जिला प्रशासन और ना ही इफ्को प्रशासन के कान पर जूं रेंगी है। जिसे लेकर आस-पास के गांवों के लोग बेहद परेशान हैं।

ifco plant31974 में इफको प्लांट की नींव डाली गई थी तब आस-पास के गांवों में खासा उत्साह देखा गया था। लेकिन अब यही प्लांट यहां के लोगों के लिए अभिशाप बनता जा रहा।   ग्रामीणों की खुशियां, परेशानी की सबब बनती जा रही है। गांव वालों का आरोप है कि इफ्को प्लांट का कैमिकल युक्त पानी बिना ट्रीट किए हुए नाले में डाला जा रहा है। जिसको पीकर गांव के पशु तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इतना ही नहीं  पानी जमीन में रिचार्ज हो रहा है जिसको हैण्ड पम्प के माध्यम से गांव के लोग भी पी रहे हैं। प्रदूषित पानी पीने की वजह से लोगों में चर्म रोग, कैंसर, लीवर की खराबी की शिकायतें बढ़ गई हैं।

देश को पहला प्रधानमंत्री देने वाला फूलपुर कभी इफ्को पर नाज करता था। आज यही इफ्को यहां के लोगों की जिन्दगी में जहर घोल रहा है। इफ्को प्रबंधन का दावा उस वक्त खोखला नजर आता है जब  जानवर और इंसान गंभीर बीमारियों के शिकार होते नजर आते हैं।  यदि जिला प्रशासन इफ्को के दावों की सच्चाई की जांच नहीं करेगा तो वह दिन दूर नहीं जब इलाके के सभी लोग भंयकर बीमारियों के शिकार हो कर धीरे-धीरे मौत के मुहं में समा जाएंगे। इसके प्रभाव से आने वाली पीढ़ियां भी नही बचेंगी।

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