खूबसूरत झीलों से सजा उदयपुर है परी नगर जैसा

0

प्लेन से एक घंटा दूर

राजस्थान का दिलकश शहर है उदयपुर। दिल्ली से करीब 664 किलोमीटर दूर है। सड़क से दिल्ली से उदयपुर पहुंचने में करीब 13 घंटे लगते हैं, तो ट्रेन से 20 घंटे के आसपास। सीधी उड़ान महज एक घंटे में उदयपुर उतार देती है। महाराणा प्रताप एयरपोर्ट उदयपुर से करीब 26 किलोमीटर परे है। दिल्ली से उदयपुर के लिए ज्यादातर ट्रेन सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन से आती-जाती हैं। यूं तो, राजस्थान घूमने-फिरने के लिए सर्दियां बेस्ट हैं। फिर भी, झीलों की नगरी है, इसलिए गर्मियों में भी ज्यादा तपिश महसूस नहीं होती। झीलों के इर्द-गिर्द घूमना सुकून भरा है। मॉनसून के दौरान, खूबसूरती चरम पर होती है।

Related image

एक रुपये लीटर ठंडा पानी

उदयपुर अरावली पहाड़ों पर बसा है, जो दिल्ली तक आती हैं। चेतक पर सवार भारी-भरकम भाला थामे महाराणा प्रताप की प्रतिमाएं कई चौराहों और खास स्थलों की शान हैं। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन दोनों का नामकरण महाराणा प्रताप के नाम पर ही हुआ है। सड़कों पर दिल्ली की माफिक ऑटो दौड़ते हैं। पानी की कहीं कोई कमी नहीं है। पीने का ठंडाठार आरओ पानी यहां-वहां लगे डिस्पेंसर्स से पी सकते हैं।

Image result for udaipur

हू-ब-हू अपनी मदर डेयरी की तरह सिक्का डालो और पानी भर लो। आरओ फिल्टर पानी है, ठंडा है और बेहद सस्ता। केवल एक रुपये का एक लीटर! पेचवर्क और पिछवाई पेंटिंग्स की रंग-बिरंगी दुनिया उदयपुर के सिवाय और कहीं नहीं है। यहां कठपुतलियां भी खूब बनती और बिकती हैं। टूरिस्ट्स कठपुतलियां, पिछवाई पेंटिंग्स और पेचवर्क की कलात्मक सौगातें ले जाना पसन्द करते हैं।

Image result for udaipur

उदयपुर में और खास है सज्जन बाग निवास या गुलाब बाग की सैर। सामने विंटेज कार कलेक्शन होटल है, जहां महाराजा की दुर्लभ विंटेज कारों को करीब से देखने का मौका मिलता है। उधर घंटा घर से ज्यादा दूर नहीं है श्री जगदीश मन्दिर। सीढ़ियां चढ़कर, 17वीं सदी के प्राचीन मन्दिर में प्रवेश करते हैं। सामने अंकित है- जय जगदीश हरे। गरुड़ भगवान की प्रतिमा है और होते हैं मन्दिर में श्री विष्णु भगवान के दर्शन। चारों दिशाओं में छोटे-छोटे मन्दिर हैं- सूर्य, गणेश, दुर्गा मां और महादेव गौरी शंकर का।

Image result for udaipur

झील और पोल का शहर

उदयपुर झीलों की नगरी ही तो है, यहां लम्बी-चौड़ी चार झीलें हैं- पिछौला लेक, फतेह सागर, उदय सागर और रंग सागर। खास बात है कि चारों झीलें एक नहर से आपस में जुड़ी हैं। सामने एक ओर ऊंचे पहाड़ पर मॉनसून पैलेस है, तो दूसरी ओर नीमच माता मन्दिर। उधर सिटी पैलेस की दीवार से सटकर पिछौला लेक है। लेक में जग मन्दिर होटल है। और ताज, ओबराय व लीला होटल्स भी इसी लेक में हैं।

Image result for udaipur

करीब ही है दूध तलाई नाम की झील। किसी जमाने में यहां दूध बिकता था, आज पूजा, अर्चना और आरती का केन्द्र है।उदयपुर में झीलों से ज्यादा पोल हैं। पोल यानी खम्भे नहीं, बल्कि दरवाजे। यहां दिल्ली के अजमेरी गेट, कश्मीरी गेट जैसे मुगलाकालीन दरवाजों की तरह मेवाड़ के प्राचीन द्वारों को पोल कहते हैं।

Image result for udaipur

सूरज पोल, कृष्ण पोल, दंड पोल, ब्रह्म पोल वगैरह कुल सात पोल हैं। उदयपुर के नॉर्थ में खड़े हाथी पोल के आस-पास पुराने और थोक बाजार हैं। इसमें आपस में जुड़े दो द्वार हैं-पहला, बाहरी द्वार पूर्व मुखी है, तो दूसरा, भीतरी द्वार उत्तर की ओर। भीतरी दरवाजा शहर को फतेह सागर से जोड़ता है।

loading...
1
2
3
4
शेयर करें