‘म्यांमार में ईमानदारी की कमी के कारण रोहिग्याओं के प्रत्यावर्तन में देरी’

उन्होंने कहा कि म्यांमार किसी तरह का दबाव महसूस नहीं करता है और वह रोहिंग्याओं के प्रत्यावर्तन के मुद्दे पर बांग्लादेश के बातों का जवाब नहीं देता है।

ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए. के. अब्दुल मोमेन ने रोहिंग्या मुसलमानों के प्रत्यावर्तन में देरी की प्रमुख वजह म्यांमार में ईमानदारी की कमी को बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उस पर दवाब बनाने की अपील की है।

ढाका रिपोर्टर्स के अनुसार एक समारोह में मोमेन ने कहा, ”म्यांमार का कहना था कि वह रोहिंग्याओं को वापस बुला लेगा, लेकिन प्रत्यावर्तन के लिए दो तारीख देने के बावजूद किसी को भी वापस नहीं बुलाया।”

उन्होंने कहा कि म्यांमार किसी तरह का दबाव महसूस नहीं करता है और वह रोहिंग्याओं के प्रत्यावर्तन के मुद्दे पर बांग्लादेश के बातों का जवाब नहीं देता है। उन्होंने कहा, ”यदि हम 100 बार इस मुद्दे पर उनसे बात करते हैं, तो वे सिर्फ दो बार जवाब देते हैं। ‘ उन्होंने कहा कि बांग्लादेश रोहिंग्याओं को उनके देश भेजने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

उन्होंने कहा, ”उन्होंने (म्यांमार) ने सत्यापन के बाद रोहिंग्याओं को वापस लेने की प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। ”उन्होंने कहा कि हम मुद्दे के समाधान के लिए द्विपक्षीय, त्रिपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।

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