निर्भया गैंगरेप : नाबालिग की रिहाई से जुड़ी सात अहम बातें

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1. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल शनिवार देर रात भारत के मुख्य न्यायाधीश के घर पहुंचीं। उन्‍होंने गैंगरेप के नाबालिग़ दोषी की रिहाई रोकने के लिए याचिका दायर की जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।

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2. शनिवार देर शाम प्रदर्शन कर रहे निर्भया के माता-पिता समेत कई प्रदर्शनकारियों को कुछ देर के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया। रिहाई का विरोध कर रहे निर्भया के परिवार का तर्क है कि अगर अपराध के लिए उम्र नहीं है तो फिर सज़ा के लिए क्यों हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्हें उनकी सुरक्षा के लिए अलग रखा गया था।

3. शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने नाबालिग़ की रिहाई रोकने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद रविवार या उससे पहले नाबालिग़ की रिहाई तय हो गई थी।

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4. नाबालिग़ दोषी को सुधार गृह से अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है।

5. नाबालिग़ का परिवार उसे वापस लेने से हिचकिचा रहा है और नाबालिग़ भी जेल से बाहर आने से डर रहा है।

6. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) के मुताबिक़ दिसंबर 2012 में बलात्कार के वक़्त नाबालिग़ दोषी लगभग 17 साल का था।

7. 28 जनवरी 2013 को अपने फ़ैसले में जेजेबी ने नाबालिग़ को वयस्क मानकर मुक़दमा चलाने से इंकार कर दिया था। 31 अगस्त 2013 को नाबालिग़ को बलात्कार और क़त्ल का दोषी मानते हुए तब के क़ानून के तहत अधिकतम तीन साल की सज़ा दी गई थी।

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