सर्दियों के मौसम में प्रदूषण से निपटेगी दिल्ली सरकार, लॉन्च किया ये दो ऐप

नई दिल्ली: आगामी सर्दियों के मौसम में प्रदूषण को कम करने के प्रयास में दिल्ली सरकार ने मंगलवार को ‘एडवांस्ड ग्रीन वॉर रूम’ और ‘ग्रीन दिल्ली ऐप’ ऐप लॉन्च किया। ऐप का उपयोग करके लोग सर्दी के मौसम में 10 प्रकार के प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं के बारे में अपनी शिकायतें भेज सकते हैं।

ऐप को लॉन्च करते हुए, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, “ऐप समन्वय के एक केंद्रीय बिंदु के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से दिल्ली के निवासी, जब प्रदूषण का सामना करते हैं, तो इस युद्ध कक्ष में शिकायत भेज सकते हैं, जिससे सरकार आगे की कार्रवाई कर सके। पिछले साल, एंड्रॉइड फोन के लिए ऐप लॉन्च किया गया था, लेकिन आज से आईओएस फोन ऐप को भी एक्सेस कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “औद्योगिक प्रदूषण, बायोमास प्रदूषण, कचरा जलाने वाला प्रदूषण, निर्माण या विध्वंस प्रदूषण, वाहन प्रदूषण, गड्ढे प्रदूषण, सड़क प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, आदि जैसी 10 श्रेणियों में कोई शिकायत कर सकता है।”

राय ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी सरकार ने नियमित कामकाज को संभालने और लागू करने के लिए 27 विभागों में ग्रीन वॉर रूम के माध्यम से 2,500 लोगों को प्रशिक्षित किया है। इन 27 विभागों में हुई समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और नगर निगम के विभाग शामिल हैं।

योजना का समन्वय करने में मदद

सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की संयुक्त टीम का गठन किया है, जिसमें शिकागो विश्वविद्यालय के सदस्य और वॉर रूम के लिए जीडीआई पार्टनर्स हैं। “हम युद्ध कक्ष के साथ सुचारू रूप से काम करने और उचित समर्पण के साथ कार्य योजना का समन्वय करने में मदद करने के लिए डीपीसीसी में 50 इंजीनियरों की भर्ती कर रहे हैं।

टास्क फोर्स के रूप में भर्ती

70 ग्रीन मार्शल को हमारे टास्क फोर्स के रूप में भर्ती किया गया है जो शिकायत स्थल पर जाकर समाधान की दोबारा जांच करते हैं। हम 21 सदस्यों की एक टीम बनाई है जो शीतकालीन कार्य योजना का बारीकी से पालन और निगरानी करेगी।”

अब तक 150 प्रदूषण हॉटस्पॉट

वर्तमान प्रदूषण हॉटस्पॉट के बारे में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि ऐप ने सरकार को अब तक 150 प्रदूषण हॉटस्पॉट चिह्नित करने में सक्षम बनाया है और पिछले साल ऐप के माध्यम से 27 हजार शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 23 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया है। सबसे ज्यादा शिकायतें नगर निगम दिल्ली, दिल्ली विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग से आईं।

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