दिल्ली हाई कोर्ट आज करेगा ‘आप’ के अयोग्य विधायकों के मामले की सुनवाई

नई दिल्ली। बीते दिनों आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी गई थी। जिसके बाद इन विधायकों द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस विभू बाखरु आज सुनवाई करेंगे। आप के अयोग्य ठहराए गए 20 विधायकों में से केवल 8 ने ही हाई कोर्ट में अपनी अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।

विधायको ने चुनाव आयोग पर लगाया उनका पक्ष न सुनने का आरोप

आप के विधायको ने कहा है कि उनकी सदस्या रद्द करने से पहले चुनाव आयोग ने उनका पक्ष ही नहीं सुना। अयोग्य विधायकों का यह भी कहना है कि चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने हमें कभी सुना नहीं और न वे तस्वीर में थे, लेकिन आर्डर में उनका भी नाम है। उनके अनुसार चुनाव आयोग के सदस्य ओपी रावत ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था जबकि दूसरे सदस्य ने कभी सुनवाई ही नहीं की।

विधायकों ने कहा कि चुनाव आयोग ने हमें पहले नहीं बताया कि वह फैसला करने जा रहा है। उन्हें मीडिया के जरिये पता चला कि चुनाव आयोग इस बाबत फैसला कर रहा है। विधायकों ने कहा कि हमारे खिलाफ ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला नहीं बनता।

दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से उपचुनाव की घोषणा करने को किया मना

चुनाव आयोग द्वारा इन विधायकों की सदस्यता रद्द होने के बाद दिल्ली में 20 सीटों पर उपचुनाव होने की संभावना जताई जा रही थी। मगर हाई कोर्ट ने विधायकों की याचिका पर चुनाव आयोग से फिलहाल उपचुनाव की घोषणा न करने को कहा है।

इन आठ नेताओं ने दायर की है याचिका

आम आदमी पार्टी के केवल 8 विधायकों ने ही नोटिफिकेशन को चुनौती दी है। इन विधायकों में कैलाश गहलोत, मदन लाल, सरिता सिंह, शरद चौहान और नितिन त्यागी ने एक याचिका दायर की है। जबकि राजेश ऋषि और सोमदत्त ने अलग से अपील की है। वहीं अल्का लांबा ने भी अलग याचिका दायर की है।

बीती 21 जनवरी को चुनाव आयोग द्वारा भेजी गई जानकारी और सिफारिश के चलते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को लाभ का पद रखने के मामले में अयोग्य ठहरा दिया था। जिसके बाद आप के सभी विधायकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

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