दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे: पहली बरसात में ही खुली घटिया इंजीनियरिंग की पोल, सड़क में पड़ी दरार

नई दिल्ली। मॉनसून से पहले की हल्की बारिश ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को लेकर किए गए दावों की पोल खोलकर रख दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक में कई जगह पर दरार दिखाई दे रही है वहीँ कुछ जगहों से खिसक गया है। मरम्मत का काम कर रहे इंजीनियर के मुताबिक ड्रेन के पानी की वजह से रोड पर दरार आई।

ज्ञात हो कि बीते 27 मई को ही पीएम मोदी ने अभी कुछ दिनों पहले ही दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे उद्घाटन किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने एक रोडशो का आयोजन भी किया था। उद्घाटन के कुछ दिनों बाद एक्सप्रेसवे पर दरारें उभरने से इसकी क्वालिटी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। लोगों का कहना है कि पहली बरसात में ही इसकी असलियत सामने आ गई तो मानसून ख़त्म होने के बाद इसकी क्या हालत होगी।

आपको बता दे कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से मेरठ के बीच लगने वाले समय में करीब 45 मिनट की कटौती करता है। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 82 किलोमीटर है, जिसमें से 27.74 किलोमीटर एक्सप्रेसवे 14 लेन का है और बाकी 6 लेन का है। इस एक्सप्रेसवे को बनाने में 7500 करोड़ रुपए की लागत आयी थी। यह एक्सप्रेसवे को रिकॉर्ड 18 माह के समय में तैयार किया गया था।

गौरतलब है कि अभी महज कुछ घंटों की बरसात से ही कई इलाकों में जलभराव और उससे चलते ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है और लोग अब मॉनसून के बाद के हालातों को सोचकर फिक्रमंद हैं।

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