दिल्ली पुलिस प्रमुख, NIA राष्ट्रीय राजधानी में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी संदिग्ध से करेगी पूछताछ

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना गिरफ्तार आतंकी संदिग्ध मोहम्मद अशरफ उर्फ ​​अली से बुधवार को पूछताछ करेंगे। संदिग्ध ने 2011 हाई कोर्ट ब्लास्ट में कोर्ट के बाहर रेकी कर आतंकियों की मदद करने की बात कबूली मंगलवार को 14 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे गए संदिग्ध आतंकी को लोधी कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के ऑफिस में रखा जा रहा है।

पूछताछ के दौरान हुए कई खुलासे

पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह 2014 में बांग्लादेश के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था और पाकिस्तान से ISI एजेंटों के संपर्क में था। वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दुबई भी गया था। उसने दिल्ली-NCR में रहने वाले एक ‘पवित्र व्यक्ति’ के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उसने पुलिस को 2005 में अपनी पाकिस्तान यात्रा के बारे में भी सूचित किया जहां उसे एक पाकिस्तानी अधिकारी नासिर द्वारा प्रशिक्षित किया गया था। प्रशिक्षण के बाद उसे 2014 में फर्जी पासपोर्ट पर बिहार वापस भारत भेज दिया गया था।

पुलिस को जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों में उसकी कथित संलिप्तता का भी संदेह है और एक जांच अभी भी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, उससे पूछताछ करने के लिए नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (NIA) समेत कई अन्य सुरक्षा एजेंसियां ​​स्पेशल सेल के दफ्तर पहुंचेंगी। पिछले एक दशक के दौरान देश भर में हुए विभिन्न धमाकों की भी उनसे जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक की जांच में पुलिस को पता चला है कि वह न सिर्फ आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के लिए जासूसी भी कर रहा था।

पाकिस्तान के पंजाब का रहने वाला यह संदिग्ध नई दिल्ली पर हमले को अंजाम देने के लिए ISI के इशारे पर काम कर रहा था। उसे रमेश पार्क, लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार किया गया था, और उसके पास अत्याधुनिक हथियार, एके-47, ग्रेनेड और एक नकली भारतीय आईडी थी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि संदिग्ध का पिछले 10 वर्षों से अजमेर, दिल्ली, वैशाली और उधमनगर सहित विभिन्न स्थानों में अपना ठिकाना था।

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