हिंसा की आग में जलती दिल्ली प्रदर्शनकारियों ने लगायी आग, पुलिस बेबस

नई दिल्ली:दिल्ली में सीएए के विरोध-प्रदर्शन के चलते रविवार को हिंसा शुरू हो गई। जिसमे दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी व आगजनी हुई। जिसमे दिल्ली पुलिस के हवलदार रतनलाल समेत 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि डीसीपी शाहदरा अमित शर्मा समेत दर्जनों लोग घायल हो गए। इसके अलावा उपद्रवियों ने वाहनों, दुकानों, घरों के साथ भजनपुरा में पेट्रोल पंप में भी आग लगा दी। पेट्रोल बम के साथ गोलियां भी चलीं।

उपद्रवियों ने परीक्षा देकर लौट रहे छात्रों से भी मारपीट की। उपद्रव को देखते हुए पांच मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। इनमें जाफराबाद, मौजपुर, गोकलपुरी, शिव विहार, जौहरी एन्क्लेव शामिल हैं। पुलिस ने उत्तर-पूर्वी जिले के कई थाना इलाकों में धारा-144 लगा दी है। हालत कफ्यू जैसे हो गए थे। उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से शांति कायम करने को कहा।

बता दें कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा के ट्वीट के बाद सीएए समर्थकों ने रविवार को विरोधियों के रास्ता जाम करने का विरोध शुरू कर दिया था। दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई थी। सोमवार सुबह मिश्रित इलाकों में दोनों पक्षों के लोग घरों से निकले और कहासुनी होने लगी। इस दौरान सीएए समर्थक रास्ता जाम करने का विरोध कर रहे थे। देर शाम तक रुक-रुक कर पथराव व आगजनी चली।

हालांकि पुलिस ने सभी जगह बेरीकेड्स लगाकर ऐसा इंतजाम किया था कि दोनों पक्ष अलग-अलग रहें। जाफराबाद में हुई पत्थरबाजी में एसीपी गोकलपुरी के ऑपरेटर रतनलाल को सिर में चोटें आईं। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। डीसीपी शाहदरा अमित शर्मा को मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपद्रवियों ने कुल मिलाकर सैकड़ों घरों के शीशे तोड़ दिए।

मौजपुर में 4-5 दुकानों में आग लगाई गई। उपद्रवियों ने लूट के लिए इनके ताले तोड़ने की भी कोशिश की। जाफराबाद में उपद्रवियों ने सरेआम पिस्टल लहराई और गोलियां चलाईं। इस दौरान पुलिस बेबस नजर आई। बवाल वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों की तादाद काफी कम थी। उपद्रवियों की भीड़ पर वे प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सके। हालांकि कई जगहों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर लोगों को तितर-बितर किया।

पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, लेकिन वह कारगर नहीं रहा। उपद्रवियों के हौसले इस कदर बुलंद थे कि उन्होंने आग पर काबू पाने के लिए पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। ‘दिल्ली पुलिस जिंदाबाद’ के नारों के बीच सीएए समर्थकों ने हाथों में पत्थर लेकर बवाल किया जाफराबाद, मौजपुर, करावल नगर, शाहदरा आदि इलाकों में पुलिस के बजाय सीएए समर्थक विरोधियों का सामना करते दिखे।

पुलिस ने दोनों गुटों को आमने-सामने आने से रोकने के लिए बीच में बैरिकेड लगाए थे। सीएए समर्थकों ने हाथों में पत्थर लेकर दूसरी ओर फेंके, लेकिन पुलिस मौन खड़ी सब देखती रही। कुछ देर तक पत्थर फेंकने के बाद उपद्रवी काबू से बाहर होने लगे तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इसके जवाब में सीएए विरोधियों ने अपने घरों से तलवार और असलहे उठा लाये। हथियार देखकर सीएए समर्थक पीछे हटे पुलिस सामने आ गई।

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