DUSU चुनाव में नतीजों के बाद आया नया मोड़, NSUI ने वोटों की गिनती दोबारा कराने की मांग की

0

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी में पांच साल बार NSUI ने जीत हासिल कर ABVP को मात दी। इस जीत से कांग्रेस का आत्मविश्वास भी बढ़ गया है। और मोदी लहर इस बार दिल्ली में देखने को नहीं मिली। डीयू में पहले चार में से तीन सीतों पर NSUI की जीत बताई जा रही थी, लेकिन आखिरी समय पर एक सीट ABVP के खाते में डाल दी गई। जिसके बाद NSUI ने संयुक्त सचिव पद के चुनाव के वोटों की गिनती दोबारा कराने की मांग की है।

NSUI

NSUI समर्थक बुधवार से शिकायत कक्ष के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं

NSUI के सदस्य नीरज मिश्रा ने को बताया, हमने अपनी शिकायत, शिकायत कक्ष को दे दी है। हम इसे लेकर उच्च न्यायलय जाने की योजना बना रहे है, जो शिकायत कक्ष के फैसले पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि NSUI समर्थक बुधवार से शिकायत कक्ष के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। NSUI सदस्य ने कहा, उन्होंने (शिकायत कक्ष) हमें आज शाम तक का वक्त दिया है। अगर हम उनके फैसले से संतुष्ट नहीं होंगे तो हम उच्च न्यायलय का दरवाजा खटखटाएंगे।

एबीवीपी ने सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की है

NSUI ने दिल्ली छात्र संघ चुनाव में पांच साल बाद जोरदार वापसी करते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कब्जा जमाया है, जबकि उसकी कट्टर प्रतिंद्वद्वी एबीवीपी ने सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की है। NSUI का आरोप है कि सुंयक्त सचिव पद के वोटों की गिनती में गड़बड़ी हुई है। इस सीट पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक समर्थित एबीवीपी के उमा शंकर ने एनएसयूआई के अविनाश यादव को 342 वोटों के बेहद ही कम अंतर से हराया है। इससे पहले इस सीट पर एनएसयूआई के उम्मीदवार के जीतने की घोषणा की गई थी, लेकिन बाद में नतीजा पलट दिया गया। एनएसयूआई ने इस पद पर वोटों की धांधली का आरोप लगाया है।

NSUI

  • अध्यक्ष – रॉकी तूसीद (जीते)
  • उपाध्यक्ष – कुनाल शहरावत (जीते)
  • सचिव – मीनाक्षी मीणा (हारीं)
  • उपसचिव – अविनाश यादव (हारे)

ABVP

  • अध्यक्ष – रजत चौधरी (हारे)
  • उपाध्यक्ष – पार्थ राणा (हारे)
  • सचिव – महामेधा नागर (जीते)
  • उपसचिव – उमा शंकर (जीते)
loading...
शेयर करें