Bihar: लोकतंत्र हुआ शर्मसार, तानाशाही सरकार ने विधायकों को लात घूंसों से पिटवाया!

बिहार: राजनीति के इतिहास में बिहार विधानसभा में जो मंगलवार को हुआ ऐसा इससे पहले कभी नहीं हुआ। जी हां बिहार का नाम जो इतिहास के पन्नों में लिखा गया वह सब मुख्यमंत्री नितीश कुमार की ही देन है। बिहार की जनता मुख्यमंत्री नितीश कुमार के पिछले कार्यकाल को तो जरूर भूल जाएगी लेकिन उनके दूसरे कार्यकाल की तारीख 23 मार्च दिन मंगलवार को शायद ही कभी भूल पाएगी। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड (JDU) की तानाशाह सरकार ने कुछ ऐसा काम ही किया है। जो अब तक देश के किसी भा राज्य में किसी भी सरकार द्वारा नहीं किया गया। अब सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या हो गया है कि इतना बवाल खड़ा हो रहा है। तो आइये जानते हैं पूरी घटना के बारे में…

विधायकों को घसीटकर बाहर फेंका गया

विधानसभा में विपक्ष पुलिस अधिनियम बिल 2021 का जबरदस्त विरोध कर रहा था। सरकार इस बिल को पास कराने के लिए अपने तानाशाही दिखाते हुए बिल का विरोध कर रहे विपक्ष के विधायकों को बाहर से पुलिस बुलाकर पहले तो उन्हें लात घूंसों से पिटवाया फिर उसके बाद उन्हें सदन से घसीटकर बाहर कर दिया।

वहीं इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बताया कि आज बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान एक काला कानून पेश किया गया, जिसके विरोध में हम सब लोग खडे़ थे। लेकिन बिहार ही नहीं, देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि सदन के अंदर पुलिस बुलाई गई, एसपी और डीएम खुद विधायकों को पीटने और घसीटकर बाहर करने का काम कर रहे थे। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिहार की सरकार कितनी तानाशाह है और ऐसा तेजस्वी यादव ही नहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो भी सरकार के तानाशाह रवैये का गवाह बनी हुई हैं।

महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया

तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर की है जिसमें पुलिस महिलाओं को घसीट रही है। वीडियो शेयर करते हुए तेजस्वी ने लिखा, “लोकलाज त्याग चुके लज्जाहीन नीतीश कुमार के आदेश पर हमारी क्रांतिकारी माननीय महिला विधायकों को ब्लाउज़ से पकड़ कर खींचा गया। उनकी साड़ी खुली, धक्का दिया गया, बता नहीं सकने वाली बदसलूकी की गयी लेकिन बीजेपी के चरणों में अपमान का आनंद ले रहे CM को शर्म नहीं आती।” यही नहीं विधानमण्डल के अंदर हुई इस हिंसक झड़प में दो महिला विधायकों समेत कुल 12 विधायकों को चोटें भी आई हैं। वहीं इस हिंसक को रोकने का बचाव कर रहे कई पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी भी घायल हो गए हैं।

बिल पर क्यों मचा है बवाल?

इस पूरे बवाल का जड़ बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधियेक 2021 बताया जा रहा है। जिसे विपक्ष पास नहीं कराने दे रहा था लेकिन सरकार ने भारी हंगामे के बीच इस बिल को सदन में पास करा लिया। जिसके बाद से सदन में बवाल शुरु हो गया।

बिल पर क्यों आपत्ति जता रहा विपक्ष?

बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधियेक 2021 पर विपक्ष का कहना है कि बिल के पास हो जाने से पुलिस को ऐसी शक्ति मिल गई है कि वह किसी वारंट पर किसी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है।

यह भी पढ़ें: बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा रिजल्ट में होगी देरी?, 13 लाख छात्र कर रहें बेसब्री से इंतजार

Related Articles