कृषि बिल पर देशभर में प्रदर्शन जारी, हरियाणा में सड़कों पर उतरे किसान

नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने ध्वनि मत से राज्यसभा में भी कृषि विधेयक को पास करा लिया है। देशभर के किसान इस विधेयक को लेकर केंद्र के खिलाफ लामबंद हैं। हरियाणा में इसका सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। हरियाणा के हर जिले में किसान सड़कों पर उतर आज दिन भर से इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने आज प्रदेश भर में विधेयक के खिलाफ आंदोलन कर है।

सिरसा में किसानों का प्रदर्शन –

केंद्र के तीन कृषि अध्यादेशों और 10 सितंबर को पिपली रैली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ 19 किसान संगठनों के सदस्यों ने प्रदेशव्यापी ‘चक्का जाम‘ कार्यक्रम के तहत आज सिरसा के गांव पंजुआना के निकट नेशनल हाइवे पर दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक तीन घंटे हजारों की संख्या में एकत्रित होकर रास्ता जाम कर दिया।

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हजारों किसान सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रालियों, मोटरसाइकिल, बाइक व पैदल जत्थों के रूप में नेशनल हाइवे, गांव पंजुआना के निकट पहुंचना शुरू हो गए थे। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

हिसार में भी किसानों का प्रदर्शन

कृषि अध्यादेशों के खिलाफ विभिन्न किसान संगठनों के हरियाणा चक्का जाम के आह्वान पर किसानों ने आज हिसार में गांव बालसमंद में हिसार-भादरा रोड, गांव सरसौद-बिचपड़ी में हिसार-चंडीगढ़ रोड, गांव मयड़ में हिसार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग, गांव बास में भिवानी-चंडीगढ़ रोड पर कई घंटों तक जाम लगाए रखा।

भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष बबलू सहरावत के नेतृत्व में यहां के और आसपास के क्षेत्र के गांवों के किसानों ने रामायण टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में पहुंचकर केंद्र व प्रदेश की भाजपा नीत सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस दौराना पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद थे। इस दौरान हांसी से अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन, सर्व व्यापार मंडल जैसे संगठनों से जुड़े आढ़ती, व्यापारी भी समर्थन के लिए पहुंचे।

किसान नेताओं ने कहा कि जब तक इन काले कानूनों को वापिस नहीं लिया जाता तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।

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