देवरिया कांड: SIT ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश की रिपोर्ट

लखनऊ। देवरिया में मां विध्यवासिनी शेल्टर होम में आराजकता के मामले में सोमवार को इलाहबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान एसआईटी ने इस मामले में अब तक जांच में आई बातों को कोर्ट के सामने रखा। रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। साथ दो बजे तक इस मामले में राज्य सरकार से कई जानकारियां मांगी हैं। कोर्ट ने ये भी पूछा है कि उन एनजीओ का नाम बताएं जो अच्छी हों जहाँ लड़कियों को रखा जा सके।

हाईकोर्ट

गौरतलब है कि 8 अगस्त को देवरिया के स्टेशन रोड स्थित मां विन्ध्यावासिनी बालिका गृह से पुलिस ने 24 लड़कियों का मुक्त कराया था। इस बालिका गृह से किसी तरह बच के निकली एक लड़की ने चौकाने वाले खुलासे किये थे। उसका कहना था कि यहाँ लड़कियों ने झाडू़-पोछा और बर्तन मजवाने का काम कराया जाता था। इसके साथ लड़कियों को कहीं भेजा भी जाता था।

इसके बाद बालिका गृह की संचालिका गिरजा त्रिपाठी उसके पति और बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं इन आरोपों पर गिरजा का कहना है कि बच्चियां पुलिस हिरासत में हैं, वो जो चाहें कहलवा सकते हैं। आपको बता दें कि सरकार पहले से ही इस बालिका गृह में अनियमितता को लेकर सरकार सीबीआई जांच करा रही थी। इस जाँच की वजह से सरकार ने इस संस्था को पैसा देना बंद कर दिया था। लेकिन इसके बाद भी इस बालिका गृह का संचालन किया जा रहा था।

यहाँ से बच कर निकली लड़की ने महिला थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई थी। इसके बाद पुलिस ने ने वहां छापा मारा। छापेमारी के दौरान 42 लड़कियों में से 24 लड़कियों क़ो छुड़ाया गया है। बाकी 18 लड़कियों की तलाश की जा रही है। लड़की ने पुलिस को बताया था कि यहाँ एक दीदी हैं जिन्हें बड़ी मैम रात को कहीं भेजती थीं, कभी लाल गाड़ी तो कभी काली गाड़ी उनको ले जाने आती थी।

दीदी जब वापस घर आती तो सिर्फ रोती थीं। पूछने पर कुछ बताती नहीं थीं। मां विन्ध्वासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाजिक सेवा संस्थान था जिसमे अनिमियता पाई गई थी और उसकी मान्यता रद्द कर दी गई लेकिन उसके बड़ा भी यहाँ गैर कानूनी तरह से लड़कियों को रखा जाता था।

 

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