नोएडा दादरी घोटाले के वांछित आरोपी दम्पति लुधियाना पंजाब से गिरफ्तार

दादारी इलाके में जालसाजी एवं धोखाधड़ी कर लगभग 4200 करोड रूपये का घोटाले में वंछित इनामी फरार दम्पति को लुधियाना (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नोएडा के दादारी इलाके में जालसाजी एवं धोखाधड़ी कर लगभग 4200 करोड रूपये का घोटाले में वंछित इनामी फरार दम्पति को लुधियाना (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ प्रवक्ता ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नोएडा (गौतमबुद्धनगर) के दादरी थाने पर 4200 करोड़ के घोटाले के 56 मामलों में आरोपी दम्पति पंजाब के जालंधर निवासी रवीन्द्र और रेखा राय को कल शाम लुधियान के उत्तम बिहार काॅलोनी से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को ट्राजिट रिमांड पर नोएडा लाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) के महानिदेशक एवं अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) द्वारा थाना दादरी गौतमबुद्धनगर पर पिछले वर्ष दर्ज धारा 420/409/467/468/471/201 भादवि की विवेचना
मेरठ इकाई द्वारा की जा रही हैं। इस मामले में वांछित चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को निर्देशित किया गया था।

घोटाले के मुख्य आरोपी

उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसटीएफ की कई टीमों को कार्रवाई के लिए लगाया गया था, जिसके क्रम में मेरठ एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में अभिसूचना संकलन के लिए टीमें गठित की गई। इसी क्रम अभिसूचना संकलन के दौरान कल सूत्रों से जानकारी मिली थी कि 4200 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी रवीन्द्र और उसकी पत्नी रेखा राय अपने उत्तम बिहार कालोनी, लुधियाना स्थित घर पर मौजूद हैं। इनकी गिरफ्तारी पर 50-50 हजार का इनाम घोषित है।

प्रवक्ता ने बताया कि इस सूचना पर एसटीएफ के निरीक्षक रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में मेरठ से एक टीम का गठन कर ईओडब्लू के विवेचक निरीक्षक कृष्ण कुमार, बचन सिंह, श्रीमती नीतू राणा को चालक सतीश चन्द्र के साथ रवाना किया गया तथा लुधियाना पहुंच कर इनामी वांछित जालसाल रवीन्द्र एवं उसकी पत्नी रेखा राय को घेराबन्दी कर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ बताया कि वह भारतीय सेना की 26 पंजाब रेजिमेन्ट धर्मशाला से वर्ष 2007 में रिटायर हुआ था।

सेना में रहते हुए उसकी पोस्टिंग मेरठ में रही जहाॅ पर उसकी मुलाकात करणपाल व उसके साले वीरेन्द्र मलिक से हुई तथा अच्छे सम्बन्ध हो गये। रिटायर होने के बाद वह अपने घर जालंधर आ गया और इसी बीच करणपाल और उसके साले वीरेन्द्र मलिक ने उसे गर्वित इनोवेटिड प्रालि (जीआईपीएल) कम्पनी नोएडा के संबंध में बताया तथा इस कम्पनी से लोगों को जोड़ना बताया।

एक्स्ट्रा बोनस देने का भी लालच

उन्होंने बताय कि उसके बाद इन लोगो को इस कम्पनी से जोड़कर बाईक के नाम पर इन्वेस्टमेन्ट कराया। कम्पनी द्वारा 62,100 रूपये प्रति बाईक इन्वेस्ट करवाया जाता था और इसके एवज में इन्वेस्टर को एक साल तक 9800 रूपये प्रतिमाह देने का वादा किया जाता था। इस प्रकार एक वर्ष में लगभग दोगुने मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाया जाता था तथा यदि एक व्यक्ति द्वारा तीन बाईक लगाये जाने पर, एक्स्ट्रा बोनस देने का भी लालच दिया जाता था।

इस प्रकार हम लोगों ने कई सौ लोगों को इस कम्पनी के साथ जोड़कर उनके साथ धोखा कर लगभग 4200 करोड रूपये का घोटाला किया। इस काम में हमारे साथ और भी बहुत से लोग जुडे हुए थे। वर्ष 2018 में संजय भाटी द्वारा उक्त कम्पनी का डायरेक्टर करणपाल को बनाकर साईनिंग एथोरटी दे दी गयी तथा सारे पेमेन्ट करणपाल द्वारा ही किये जाने लगे और 2019 में जब बहुत पैसा इकठ्ठा हो गया तो ये लोग कम्पनी बन्द कर फरार हो गये थे।
गौरतलब है कि इस कंपनी के मालिक संजय भाटी समेत कई आरोपियों को एसटीएफ पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

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