गरीब होने के बावजूद कानपुर की इस महिला ने पेश की ईमानदारी की मिशाल

कानपुर: कानपुर की बादशाही नाका निवासी महिला ने ईमानदारी की मिशाल पेश की। गरीब होने के बाद भी मीना गुप्ता ने इन पैसो को पुलिस के हवाले कर दिया। बादशाही नाका भंडारी बिल्डिंग में रहने वाली मीना गुप्ता शनिवार को अपने बेटे के स्कूल में पैरेंट्स मीटिंग में गई थी।

एक गरीब महिला ने पेश की अपनी ईमानदारी

जब घर आई तो घर के बाहर बैठे उनके पति के पास एक झोला रखा था। उनके पति मानसिक रोगी हैं। जब उन्होंने पूछा कि झोला किसका है तो बताया कि कोई व्यक्ति रख गया है। जब महिला ने झोला देखा तो उसमें रुपये थे। रुपये देखकर महिला घबरा गई और इसी बीच कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री विनोद गुप्ता को फोन कर पूरी बात बताई।
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इस पर विनोद ने एसपी पूर्वी और सीओ कलक्टरगंज को पूरी बात बताई। इसके बाद थानी प्रभारी बादशाहीनाका के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में झोला खोलकर रुपये गिने गए। उसमें 75500 रुपये मिले। सौ-सौ और दो सौ रुपये की गड्डी थीं।

झोले में कुछ दवाइयां और पानी की बोतल थी। आसपास के दुकानदारों और व्यापारियों को भी पहचान के लिए बुलवाया गया, लेकिन किसी ने झोले को नहीं पहचाना। इसके बाद पुलिस ने रुपया अपनी सुपुर्दगी में ले लिया।

पूरे मामले की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। विनोद गुप्ता ने बताया कि महिला ने गरीब होने के बाद भी ईमानदारी से पूरे मामले की जानकारी दी। इस दौरान रोशन लाल अरोड़ा, राजेश गुप्ता, श्याम अग्रहरि, पारस अवस्थी आदि थे। घर के अंदर रुपये से भरा बैग मिलने के बाद उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बादशाही नाका भंडारी बिल्डिंग में रहने वाली मीना गुप्ता शनिवार को अपने बेटे के स्कूल में पैरेंट्स मीटिंग में गई थी।

जब घर आई तो घर के बाहर बैठे उनके पति के पास एक झोला रखा था। उनके पति मानसिक रोगी हैं। जब उन्होंने पूछा कि झोला किसका है तो बताया कि कोई व्यक्ति रख गया है। जब महिला ने झोला देखा तो उसमें रुपये थे। रुपये देखकर महिला घबरा गई और इसी बीच कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री विनोद गुप्ता को फोन कर पूरी बात बताई।
इस पर विनोद ने एसपी पूर्वी और सीओ कलक्टरगंज को पूरी बात बताई। इसके बाद थानी प्रभारी बादशाहीनाका के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में झोला खोलकर रुपये गिने गए। उसमें 75500 रुपये मिले। सौ-सौ और दो सौ रुपये की गड्डी थीं।

झोले में कुछ दवाइयां और पानी की बोतल थी। आसपास के दुकानदारों और व्यापारियों को भी पहचान के लिए बुलवाया गया, लेकिन किसी ने झोले को नहीं पहचाना। इसके बाद पुलिस ने रुपया अपनी सुपुर्दगी में ले लिया।

पूरे मामले की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। विनोद गुप्ता ने बताया कि महिला ने गरीब होने के बाद भी ईमानदारी से पूरे मामले की जानकारी दी। इस दौरान रोशन लाल अरोड़ा, राजेश गुप्ता, श्याम अग्रहरि, पारस अवस्थी आदि थे।

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