देवानंद के उस ऑफ़र ने बदल दी थी टीना मुनीम की ज़िंदगी, जानिए कैसे बनीं ‘अम्बानी’

टीना मुनीम बॉलीवुड की उन अदाकाराओं में शामिल हैं, जिनका फ़िल्मी दुनिया में आना इत्तेफ़ाक़ ही कहा जाएगा। अस्सी के दशक में उन्होंने हिंदी सिनेमा के पर्दे पर कामयाबी के साथ शहरी, पढ़ी-लिखी और आत्मविश्वास से भरी उच्च मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की का प्रतिनिधित्व किया। अपने करियर के साथ कलाकारों के साथ अपने रिश्तों को लेकर भी ख़बरों में रहीं।

बॉलीवुड में एक सधी हुई पारी खेलने के बाद टीना देश के सबसे प्रतिष्ठित उद्योग घरानों में से एक अम्बानी परिवार की बहू बनीं और रियल लाइफ़ के इस रोल को भी बख़ूबी निभाया। पर्दे से रिश्ता टूटने के बाद टीना ने फिर इस तरफ़ मुड़कर नहीं देखा। ख़ुद को पूरी तरह पारिवारिक और सामाजिक ज़िम्मेदारियों में डुबो दिया। टीना आज (11 फरवरी) को अपना 63वां जन्मदिन मना रही हैं।

1975 में एक अंतर्राष्ट्रीय सौन्दर्य प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के बाद देवानंद साहब की नज़र उन पर पड़ी और ‘देस-परदेस’ फ़िल्म से 1978 में टीना ने फ़िल्म जगत में अपना पहला कदम रखा।

मगर देवानंद जैसे महान अभिनेता का प्रस्ताव कोई कैसे ठुकरा सकता था और फिर उनका फ़िल्मी सफ़र बड़े सुन्दर मकाम हासिल करता 1987 तक चलता रहा जब तक कि वो कॉलेज अटेंड करने कैलिफ़ोर्निया नहीं चली गयीं।

इस बीच उन्होंने 30-35 फ़िल्मों में काम किया जिनमें संजय दत्त के साथ ‘रॉकी’ सुपर हिट रही।1991 में जब टीना 31 वर्ष की थीं तब उन्होंने उद्योगपति अनिल अंबानी से विवाह किया|

टीना ने अपने बॉलीवुड करियर में ज़्यादातर फ़िल्में राजेश खन्ना के साथ कीं, जिनमें फिफ्टी-फिफ्टी, सौतन, बेवफाई, सुराग, इंसाफ मैं करुंगा जैसी फ़िल्में शामिल हैं। ऋषि कपूर के साथ क़र्ज़ जैसी हिट मसाला फ़िल्म में काम किया तो अमोल पालेकर के साथ बातों-बातों में जैसी सादगी भरी ख़ूबसूरत फ़िल्म की हीरोइन बनीं।

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