Devshayani Ekadashi आज, जानें पूजा विधि से लेकर पारण तक का शुभ मुहूर्त

हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ के महीने में शुक्ल पक्ष के 11 वें दिन देवशयनी एकादशी मनाई जाती है। एकादशी भगवान विष्णु का दिन हैं। मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु समेत सभी देवतागण निद्रा में चले जायेंगे। 

नई दिल्ली: हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ के महीने में शुक्ल पक्ष के 11 वें दिन देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) मनाई जाती है। एकादशी भगवान विष्णु का दिन हैं। मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु समेत सभी देवतागण निद्रा में चले जायेंगे।  इस माह में एकादशी, प्रथमा एकादशी, पद्मा एकादशी, आषाढ़ी एकादशी को देवशयनी एकादशी, हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

कब आती है Devshayani Ekadashi?

हिंदू शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए शयन करने जाते हैं। हिंदू परंपरा में इस समय को चातुर्मास कहते हैं और इस तिथि को देवशयनी एकादशी कहते हैं। यह दिन हिंदू कैलेंडर में चार महीने की पवित्र अवधि चातुर्मास की शुरुआत का भी प्रतीक है जो प्रबोधिनी एकादशी पर समाप्त होता है।

Devshayani Ekadashi
Devshayani Ekadashi

शुभ मुहूर्त

देवशयनी एकादशी प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा के ठीक बाद आती है और आमतौर पर अंग्रेजी कैलेंडर के जून या जुलाई के महीने में आती है। इस एकादशी के बाद से शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि जैसे शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं। इस साल देवशयनी एकादशी मंगलवार, 20 जुलाई को पड़ रही है। एकादशी तिथि 19 जुलाई को रात 09:59 बजे शुरू होगी और 20 जुलाई को शाम 07:17 बजे तक चलेगी। एकादशी का व्रत करने वाले लोग द्वादशी तिथि को पारण कर सकते हैं, यानि 21 जुलाई सुबह 05:36 से 08:21 बजे के बीच।

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