प्रतापगढ़ के राजा का डीजीपी ने नहीं लिया नाम

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jagmohan-yadavलखनऊ। …जहां आप इशारा कर रहे हैं, वही सही है। आप लोग भी बेहतर जानते हैं कि प्रतापगढ़ में क्यों हो रही हैं घटनाएं? क्यों नही सुधर रहे हैं वहां के हालात? यह अल्फाज्र हैं यूपी पुलिस के मुखिया जगमोहन यादव के। प्रतापगढ़ के हालात न सुधर पाने के पीछे उनकी बेबसी साफ दिख रही थी। सपा के बाहुबली नेता राजा भैय्या का नाम लेने से कतरा रहे है डीजीपी से जब मीडिया ने यह सवाल किया कि आखिर किसकी वजह से वहां दिक्कत आ रही है तो डीजीपी बोले आप लोग भी बेहतर जानते हैं। जिधर आपका इशारा है। मीडिया ने पूछा कि किधर इशारा है तो डीजीपी ने फिर वही दोहराया अरे आप समझ रहे होंगे।

राजा भैय्या का खौफ यूपी पुलिस के मुखिया के चेहरे पर साफ दिख रहा था। नाम लेने से वह बचते दिखाई दिए। जब मीडिया ने काफी जोर डाला तो यही कहा कि जिस दिन सबूत मिल जाएंगे उस दिन पता चल जाएगा। बहुत दिन नहीं गुजरे पंचायत चुनाव के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रतापगढ़ के एसपी, डीएम, सीओ और एसडीएम को हटाने के आदेश दिए थे। उनके खिलाफ जांच चल रही है। वहां मतपेटियां लूटी गई थीं। इंस्पेक्टर अनिल सिंह की प्रतापगढ़ में ही हत्या की गई और इंस्पेक्टर की पत्नी ने खुलेआम प्रतापगढ़ के एसपी सुनील सक्सेना पर हत्या का आरोप लगाया था।

प्रतापगढ़ में नए एसपी का मंगलाचरण ठीक नहीं

डीजीपी जगमोहन यादव नहीं रुके। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ भेजे गए नए एसपी का मंगलाचरण ठीक नहीं है। जब यह पूछा गया कि क्या नए एसपी की तैनाती से आप संतुष्ठ हैं तो डीजीपी ने कहा कि यहां संतुष्टी या असंतुष्टी की बात नहीं है। हमने साफ कहा कि सख्ती करके हटोगे तो ठीक रहेगा लिबलिब मत बनना। डीजीपी ने कहा कि प्रतापगढ़ चिंता का विषय है और उसे गम्भीरतापूर्वक लिया जा रहा है।

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