भीमा कोरेगांव हिंसा में डीजीपी का बड़ा बयान, कहा हमारे पास पुख्ता सबूत मौजूद

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मुंबई : भीमा-कोरेगांव हिंसा छापे में पकड़े गये एक्टिविस्ट को लेकर पुलिस ने एक नया खुलासा किया है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के एडीजी परमवीर सिंह ने बताया कि माओवादियों के खिलाफ की कार्रवाई सबूत मिलने के बाद की गई है। पुलिस ने बताया माओवादियों की साजिश कानून-व्यवस्था को बिगाड़कर सरकार गिराने की थी। इसमें एक आतंकवादी संगठन भी शामिल था।

इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पांचों आरोपियों को ही घर में ही नजरबंद करने का आदेश दिया है। इसकी अगली सुनवाई छह सितंबर होगी। पुणे के संयुक्त पुलिस कमिश्नर शिवाजी बोड़ाखे ने कहा कि यह कार्रवाई तुषार दामगुड़े की शिकायत पर की गई है।

डीजीपी ने कहा कि माओवादियों से इन लोगों के रिश्ते हैं, ये उन्हें चिट्ठी लिखते थे। हजारो की संख्या में चिट्ठियां मौजूद हैं। सभी आरोपी विदेशी संगठनों से जुड़े हुए थे, हमने 9 जगहों पर छापा मारा है।

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पीबी सिंह ने कहा कि 31 दिसंबर 2017 की घटना को लेकर 8 जनवरी को मामला दर्ज किया गया था। नफरत भरे भाषण देने और घृणा फैलाने के लिए जांच आयोजित की गई है। लगभग सभी आरोपी कबीर कला मंच से जुड़े हैं।

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