#DharampalGulati: कभी चलाते थे तांगा, अब है अरबों का कारोबार

मसाला किंग कहे जाने वाले धर्मपाल गुलाटी का 98 साल की उम्र में निधन हो गया। गुलाटी ने दिल्ली के माता चन्नन देवी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

नई दिल्ली: मसाला किंग कहे जाने वाले धर्मपाल गुलाटी (Mahashay Dharampal Gulati) का 98 साल की उम्र में निधन हो गया। गुलाटी ने दिल्ली के माता चन्नन देवी अस्पताल में अंतिम सांस ली। धर्मपाल गुलाटी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। पिता की मदद से उन्होंने छोटा सा कारोबार शुरु किया था। और आज उनका अरबों का कारोबार है।

पांचवी क्लास से छोड़ दी थी पढ़ाई

धर्मपाल गुलाटी का जन्म 27 मार्च 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। 1933 में उन्होंने पांचवी क्लास की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। जिसके बाद वो पिता की मदद से एक छोटा से बिजनेस शुरु किया। लेकिन वो उसमें सफल नहीं हो पाए।

भारत आने के बाद बने अरबपति

मसाला किंग के नाम से फेमस धर्मपाल गुलाटी साल 1947 में देश के बटवारे के समय पाकिस्तान से भारत आए थे। और भारत आने के बाद उन्होंने पहले तांगा चलाया। फिर बाद में मसाला कारोबार शुरू किया। आज उनका अरबों में कारोबार है।

गुलाटी ने तांगे से की थी शुरुआत

धर्मपाल गुलाटी जब पाकिस्तान से दिल्ली आए थे। तब उनकी जेब में सिर्फ 1500 रूपये थे। जिसमें से उन्होंने 650 रुपये का एक तांगा खरीदा। और वह कनॉट प्लेस और करोल बाग के बीच यात्रियों को लाने और ले जाने का काम करने लगे।

1953 में पुश्तैनी काम शुरु किया

MDH के मालिक धर्मपाल ने गरीबी ले तंग आकर तांगे को बेच दिया। उसके बाद उन्होंने दिल्ली में पुश्तैनी कारोबार यानी मसालों का कारोबार शुरु किया। 1953 में एक छोटी सी दुकान किराए पर ली और महाशिया दी हट्टी (MDH) नाम की दुकान खोला। इसके बाद धीरे धीरे वो अपने कारोबार को बढ़ाते गए और उनका काम चलता गया जिससे वो आज अरबपति बन गए।

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