किसानों के साथ तानाशाही जैसा व्यवहार ठीक नहीं: राहुल गाँधी

राहुल गांधी ने कहा है कि किसान देश की शक्ति है और उनके आंदोलन को किलेबंदी करके दबाना खतरनाक है इसलिए सरकार को समस्या का समाधान निकालने के लिए किसानों से बातचीत करनी चाहिए।

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि किसान देश की शक्ति है और उनके आंदोलन को किलेबंदी करके दबाना खतरनाक है इसलिए सरकार को समस्या का समाधान निकालने के लिए किसानों से बातचीत करनी चाहिए।

गांधी ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए और उनकी मांग पर सकारात्मक विचार कर कृषि संबंधी तीनों कानूनों को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनी तथा किसानों को लेकर देश में कोई रणनीति नहीं है जिससे साबित होता है कि हमारे यहां नेतृत्व का अभाव हो गया है और देश को संभालने की दृष्टि नेतृत्व में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति को संभाल नहीं पा रही है।

गृहमंत्रालय की जिम्मेदारी थी कि कोई भी तत्व लालकिला पर नहीं जा पाता लेकिन सरकार असफल साबित हुई है इसलिए उपद्रवी तत्वों ने लालकिला पर जाकर उपद्रव किया है। इस माले में सरकार को जांच पड़ताल  करनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि बजट में सरकार ने देश की जनता की अनदेखी की है। देश के 99 प्रतिशत लोगों को समर्थन देने की बजाए सिर्फ एक प्रतिशत लोगों की मदद के लिए बजट 2021-22 को तैयार किया गया है।

सरकार की सेना के लिए प्रतिबद्धता

सरकार ने किसानों, छोटे उद्यमियों, सेना तथा अन्य प्रमुख क्षेत्र के लोगों का पैसा सिर्फ चार पांच वर्गाें को फायदा देने और उनको पैसा देने के लिए बजट में व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा संकट यह है कि चीन हमारी सीमा में घुसा है लेकिन बजट में चीन को संदेश दिया जाता है कि आप अंदर आ सकते हो और जो भी करना है करो लेकिन हम अपनी सेना को समर्थन नहीं देेंगे। बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए महज तीन, चार हजार करोड़ रुपए बढाए गये हैं। इससे देश को फायदा नहीं होने वाला है। सरकार की सेना के लिए प्रतिबद्धता होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सेना की जो भी जरूरत है उसे दिया जाना चाहिए। लद्दाख में हमारी सेना खड़ी है लेकिन उनको पैसा नहीं दिया जा रहा है। सरकार को सेना की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त पैसा देना चाहिए लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है।

यह भी पढ़े: जानिए कैसे कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की दर्दनाक हत्या को दिया अंजाम

Related Articles

Back to top button