बहुत छोटे दिल के हैं ये दिलवाले, बाजीराव मस्तानी के खिलाफ कर रहे प्रचार

 

मुंबई। शाहरुख की फिल्‍म दिलवाले को दर्शकों और समीक्षकों से उस तरह कि प्रतिक्रिया नहीं मिल रही जैसी उनकी बाकी फिल्‍मों को मिलती है। फिल्‍म रिलीज के दो दिन बाद से ही दर्शकों का पुरजोर विरोध फिल्‍म पर दिखना शुरू हो गया। माना जा रहा है कि फिल्‍म का विरोध सिर्फ शाहरुख खान की वजह से किया जा रहा है।

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सोमवार के कलेक्‍शन में बाजीराव मस्‍तानी ने दिलवाले को पछाड दिया। इसके बाद से ही फिल्म ट्रेड में दिलवाले की टीम पर बाजीराव मस्‍तानी के खिलाफ नकारात्‍मक प्रचार करने के आरोप भी लगने लगे हैं। इसकी हर कोई आलोचना कर रहा है। बीते शुक्रवार को ये दोनों बड़ी फिल्में रिलीज हुईं और जैसी की आशंका थी, दोनों ने एक-दूसरे के बिजनेस को अच्छा खासा नुकसान पहुंचाया।

इंडस्‍ट्री में चर्चा तो यहां तक चल रही है कि दिलवाले की टीम अपनी फिल्म और उसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बारे में बात करने से ज्यादा लोगों को यह बताने में लगी है कि बाजीराव-मस्तानी बॉक्स ऑफिस पर नाकाम साबित हुई है और उसका कलेक्शन शाहरुख-काजोल स्टारर से कहीं कम है। जबकि फिल्म समीक्षकों ने बाजीराव-मस्तानी को हर तरह से दिलवाले से बेहतर ठहराया। अधितकर दर्शकों की भी यही राय रही।

 

खबरें तो यहां तक चल रही हैं कि निगेटिव समीक्षाओं की भरपाई के लिए दिलवाले की टीम ने मीडिया में कुछ सकारात्मक खबरें प्लांट करानी शुरू कर दी हैं। लेकिन ट्रेड के जानकारों की मानें तो इससे अब उन्हें लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि सच्चाई दुनिया के सामने आ चुकी है। ट्रेड और इंडस्ट्री के लोग इस बात के लिए दिलवाले की टीम की आलोचना कर रहे हैं कि वह बाजीराव-मस्तानी को कमतर फिल्म बताते हुए उसके खिलाफ दुष्‍प्रचार कर रहे हैं, जबकि सच इससे कुछ अलग ही है। फिल्म ट्रेड में यह भी चर्चा है दिलवाले की टीम ने लंदन स्थित एक वेबसाइट को अपने साथ लेकर यह प्रचार करने की कोशिश की उसका पहले दिन का कलेक्शन पिछले दिनों रिलीज हुई एक फैमिली एंटरटेनर से कहीं अधिक है। जबकि ऐसा कतई नहीं है।

ट्रेड के जानकारों के मुताबिक शुक्रवार-शनिवार को दिलवाले क्रमशः 18 और 17 करोड़ रुपये से कुछ अधिक कमा सकी थी। हालांकि दिलवाले की टीम का कहना है फिल्म का कलेक्शन ज्यादा था। वैसे फिल्म रविवार को 21 करोड़ का आंकड़ा पार करने में कामयाब हुई। इस बीच बाजीराव-मस्तानी ने शुक्रवार को धीमी शुरुआत के बाद शनिवार-रविवार को रफ्तार पकड़ी। हालांकि उसके कलेक्शन दिलवाले से कम रहे।

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सोमवार के दिन को जानकार निर्णायक मोड़ वाला मान रहे थे और यही हुआ भी। सोमवार के कलेक्शन में बाजीराव-मस्तानी ने दिलवाले को पछाड़ दिया। ट्रेड विशेषज्ञों के अनुसार दिलवाले ने जहां सोमवार को देश में करीब 8.5 करोड़ रुपये जुटाए, वहीं बाजीराव-मस्तानी का कलेक्शन 9.5 करोड़ रुपये रहा। बाजी पलटने की मुख्य वजह रही दर्शकों की संख्या। दिलवाले देखने वालों की संख्या शुक्रवार के मुकाबले सोमवार को 55 फीसदी तक कम हो गई। वास्तव में किसी भी औसत फिल्म को तीन दिनों बाद यह गिरावट देखनी ही पड़ती है। वहीं नया वीकएंड आने तक यह गिरावट अमूमन जारी ही रहती है।

वहीं बाजीराव-मस्तानी के दर्शक शुक्रवार के मुकाबले सोमवार को केवल 15 फीसदी कम हुए। साफ है कि दर्शकों को बांधने में यह फिल्म ज्यादा कामयाब है। खास तौर पर मल्टीप्लेक्सों के महंगें टिकट खरीदने वाले दर्शक बाजीराव-मस्तानी देखने पहुंचते रहे। इस फिल्म को हालांकि सिंगल स्क्रीन में खास फायदा नहीं मिला और वहां शाहरुख आगे हैं। दिलवाले के लिए बड़ी समस्या यह है कि मुंबई/महाराष्ट्र सर्किट में वह बाजीराव-मस्तानी के मुकाबले कमजोर पड़ गई है और यहीं फिल्मों की सबसे ज्यादा कमाई होती है।

हालंकि जानकारों के अनुसार अगर बाजीराव-मस्तानी मजबूत बनी रही को पहले सप्ताह में दिलवाले ने करीब 20 करोड़ की जो बढ़त बनाई थी, वह सोमवार से क्रमशः कम होती जाएगी। ऐसे में संभावना बढ़ गई है कि बाजीराव-मस्तानी दिलवाले के हाथों मिली शुरुआती मात का बदला ले सके। आर्थिेक घाटे की आरे बढ़ती दोनों फिल्‍मों के लिए राहत सिर्फ इतनी है कि क्रिसमस की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। अब देखना ये होगा कि इन दिनों में कौन सी फिल्‍म को दर्शक पसंद करते हैं और किसको नकारते हैं।

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