संसद में मॉब लिंचिंग को लेकर राजनाथ ने दिया ऐसा बयान..तुरंत ही विपक्ष ने कर दिया बहिर्गमन

नई दिल्ली| केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में पहली बार स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर झूठी खबरों के परिणामस्वरूप देश में बर्बर भीड़ के हाथों पीट पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) की कई घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सेवा प्रदाताओं से सोशल मीडिया पर अफवाहों पर लगाम लगाने को कहा है। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले गृह मंत्री ने इन घटनाओं को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और राज्य सरकारों से ‘उचित कदम’ उठाने को कहा। वह शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के केसी वेणेगुपाल के प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश में मॉब लिंचिंग और स्वयंभू रक्षक समूहों की हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं और यह रक्षक समूह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सांसद जयंत सिन्हा द्वारा मॉब लिंचिंग के एक मामले के दोषी आठ लोगों को माला पहनाने पर भी हमला बोला।

वेणुगोपाल ने कहा, “मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी के साथ साथ स्वामी अग्निवेश पर भी सत्तारूढ़ दल के सदस्यों द्वारा हमला किया गया।” उन्होंने सरकार से ऐसे अपराधों की जांच के लिए कानून बनाने का आग्रह किया। राजनाथ सिंह ने उनका जवाब देते हुए कहा कि यह सच है कि देश के कई हिस्सों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आई हैं लेकिन ‘यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटनाएं हुई हैं।’ इन घटनाओं की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यों की जिम्मेदारी है कि वे उचित कदम उठाएं।

सिंह ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है इसलिए राज्य सरकार को इस पर कदम उठाना चाहिए। मैंने व्यक्तिगत तौर पर इन घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्रियों से बात की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज अप्रमाणित खातों द्वारा फैलाई जाती हैं, वे भी इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं। हमने सोशल मीडिया सेवा प्रदाताओं से अपनी प्रणाली में फर्जी समाचार पर रोक लगाने की व्यवस्था करने को कहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों को दो एडवाईजरी जारी की थी। एक 2016 में और दूसरी कुछ दिन पहले, जिसमें उनसे इन घटनाओं में कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस, राजद और माकपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

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