लाश दफनाने को दो गज जमीन भी हुई मुश्किल

201110714137606734_20कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र के ररौंख गांव में श्मशान की भूमि को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद देर शाम तक बच्ची का शव रखा रहा। पुलिस की मौजूदगी में लेखपाल द्वारा कब्रिस्तान की पैमाइश के बाद करीब दस घंटे बाद शव दफनाया गया।

ये भी पढ़ें : रिट्ज के मालिक की ट्रामा सेंटर में मौत

ररौंख गांव में साढ़े तीन बिस्वा भूमि श्मशान के नाम पर दर्ज है। शनिवार सुबह करीब 4 बजे असलम की दो माह की पुत्री आलिया की मौत हो गई। परिजन शव लेकर कब्रिस्तान पहुंचे। इसपर गांव के राम बाबू सिंह ने भूमि को अपनी बता शव दफनाने से रोक दिया। इसके चलते दोनों पक्षों के विवाद हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद लेखपाल को लेकर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के सामने श्मशान भूमि की पैमाइश कराई।

इस दौरान करीब दस घंटे तक शव रखा रहा। लेखपाल रामासरे सिंह ने बताया कि पैमाइश के बाद भूमि श्मशान की निकली है, कब्रिस्तान की भूमि का सीमांकन कर दिया गया है। दरोगा प्रेम शंकर कटियार ने बताया कि लेखपाल द्वारा कब्रिस्तान की भूमि की पैमाइश के बाद बच्ची के शव को दफन कराकर विवाद शांत करा दिया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button