आज इस तरह से करें पितृ विसर्जन, मिलेगा बड़ों का आशीर्वाद

पितृ विसर्जन के दिन अपने अनुसार दान पुण्य करना चाहिए. इससे आपके आपकी जिंदगी में की गई गलतियां कट जाएंगी. आश्विन मास के कृष्णपक्ष का सम्बन्ध पितरों से होता है. इस दिन को हमेशा अमावस्या के दिन ही मनाया जाता है. इस दिन अपने परिवार के पितरों की विदाई की जाती है.

अगर पूरे पितृ पक्ष में अपने पितरों को याद न किया हो तो केवल अमावस्या को उन्हें याद करके दान करने से और निर्धनों को भोजन कराने से पितरों को शान्ति मिलती है. इस दिन दान करने का फल अमोघ होता है साथ ही इस दिन राहु से सम्बंधित तमाम बाधाओं से मुक्ति पायी जा सकती है. इस बार पितृ विसर्जन अमावस्या 28 सितम्बर को है

कैसे करें पितृ विसर्जन अमावस्या के  दिन पितरों की विदाई?

– जब पितरों की देहावसान तिथि अज्ञात हो , तब पितरों की शांति के लिए पितृ विसर्जन अमावस्या को श्राद्ध करने का नियम है

– आप सभी पितरों की तिथि याद नहीं रख सकते , ऐसी दशा में भी पितृ विसर्जन अमावस्या को श्राद्ध करना चाहिए

– इस दिन किसी सात्विक और विद्वान् ब्राह्मण को घर पर निमंत्रित करें और उनसे भोजन करने तथा आशीर्वाद देने की प्रार्थना करें

– स्नान करके शुद्ध मन से भोजन बनायें , भोजन सात्विक हो और इसमें खीर पूड़ी का होना आवश्यक है

– भोजन कराने तथा श्राद्ध करने का समय मध्यान्ह होना चाहिए

– ब्राह्मण को भोजन कराने के पूर्व पंचबली दें,हवन करें

– श्रद्धा पूर्वक ब्राह्मण को भोजन करायें,उनका तिलक करके , दक्षिणा देकर विदा करें

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