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होलिका दहन के समय भूलकर भी ना जलाएं ये लकड़ियां, शास्त्रों में है सख़्त मनाही

लकड़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए और कोनसी नहीं, ऐसे में अगर आप कुछ ऐसी लकड़ियों का इस्तेमाल करते हैं तो वह आपके लिए काफी अशुभ हो सकता है।

नई दिल्ली: देशभर में होली की धूम मची हुई है 29 मार्च को होली का त्यौहार मनाया जाएगा। इससे पहले 28 मार्च को होली का दहन किया जाएगा होलिका दहन में लोग होली का पूजा करते हैं होलिका दहन इसलिए किया जाता है क्योंकि उसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है होलिका दहन में लकड़ियों को जलाया जाता है ऐसे में सभी को यह जानना जरूरी है कि कौन सी लकड़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए और कोनसी नहीं, ऐसे में अगर आप कुछ ऐसी लकड़ियों का इस्तेमाल करते हैं तो वह आपके लिए काफी अशुभ हो सकता है।

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार राहु केतु से सम्बंधित कुछ पेड़ो को अशुभ माना जाता है। इसलिए होलिका दहन में इन पेड़ो को नहीं जलना चाहिए। इनमे खासकर आम के पेड़ो को जलाना सख्त मना है। होलिका दहन एरंड और गूलर के पेड़ो को खासकर जलाया जाता है। दरअसल होली के दौरान एरंड और गूलर के पत्ते गिरने लगते है और इनमे कीड़े पड़ने लगते है इसलिए इसे जलाना सही माना जाता है। एरंड और गूलर की लकड़ी की एक और खासियत है कि इसे जलाने से हवा शुद्ध होती है और मच्छर, बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। इन दोनों लकड़ियों को गाय के उपले के साथ जलाना चाहिए।

होलिका दहन में आम के साथ वट की लकड़ी को भी अशुभ माना जाता है। इनका इस्तेमाल सख्त रूप से मन है। होलिका दहन में एरंड और गूलर की लकड़ी जलाने का खास महत्त्व है।

होली 2021 समय सारिणी

  • होली सोमवार, मार्च 29, 2021 को
  • होलिका दहन रविवार, मार्च 28, 2021 को
  • पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ –मार्च 28, 2021 को 03:27 ( AM )
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त –मार्च 29, 2021 को 12:17 ( AM )

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