भूलकर भी न खाएं अंडे का यह हिस्सा, वजह कर देगी आपको हैरान!

नई दिल्ली। अंडा खाना शरीर के लिए अगर फायदेमंद हैं तो कही न कही वो नुकसानदायक भी हैं। अकसर लोग सुबह के नास्ते में अंडा और ब्रेड खाना पसंद करते हैं। कहते हैं कि अंडे का सेवन शरीर को एनर्जी तो देता ही हैं साथ ही साथ वजन कम करने में भी सहायक है। बचपन से आप सुनते चले आ रहे होगे ‘संडे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे।’

अंडा

पर क्या आप अंडे के बारे में एक चीज जानते हैं। आप जो अंडा खाते हो उसका सफ़ेद हिस्सा आपके शरीर को नुकसान पहुंचता हैं। अंडे का सफेद हिस्सा आपके शरीर के लिए हानिकारक प्रभाव डालने वाला हैं। अंडे का सफ़ेद हिस्सा आपकी बॉडी में एलर्जी पैदा कर सकता हैं। हालांकि अंडे का यह हिस्सा फैट फ्री और लो कैलोरी वाला होता है। आइये आज आपको बताते हैं अंडे के सफ़ेद हिस्से से आपके शरीर में होने वाले नुकसान के बारे में।

 

एलर्जी का भी रहता हैं खतरा- कुछ लोगों को अंडे के सफेद भाग से एलर्जी होती हैं। लेकिन इसका पता लगाना आसान नहीं हैं, इसके लक्षण शरीर पर चकत्ते बनना, त्वचा में सूजन और लाल होना, ऐंठन, दस्त, खुजली और आंखों में पानी भरना आदि हैं, जिससे अंडे से हुई एलर्जी का पता लगाया जा सकता है। अंडे की सफेदी से लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, रक्तचाप में गिरावट आ जाती है और बेहोशी जैसा महसूस होने लगता है।

साल्मोनेला बैक्टीरिया से हैं दूषित- अंडे का सफेद भाग साल्मोनेला से दूषित भी हो सकता हैं। साल्मोनेला एक ऐसा बैक्टीरिया है जो कि मुर्गियों की आंतों में पाया जाता है। यह अंडे के बाहरी आवरण और उसके अंदर भी पाये जाते हैं। साल्मोनेला को खत्म करने के लिए इन्हें ज्यादा देर तक और ज्यादा तापमान पर पकायें। अंडे के ऊपरी हिस्से और कम उबले हुये अंडों में भी बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं।

किडनी पर डालता हैं असर- अंडे के सफेद भाग में प्रोटीन की अत्यधिक मात्रा होती हैं, जिस कारण किडनी की समस्या से ग्रसित व्यक्ति के लिए हानिकारक होता हैं। क्योंकि किडनी की समस्या के कारण लोगों में ग्लोमेरूलर फिल्टरेशन रेट (जीएफआर) की मात्रा कम होती है। जीएफआर एक तरह से तरल पदार्थ की प्रवाह दर होती है जो किडनी को फिल्टर करती हैं। पर अंडे के सफेद भाग में मौजूद प्रोटीन जीएफआर की मात्रा कम कर देता हैं।

मांसपेशियों में हो जाती हैं दर्द की समस्या- अंडे का सफेद हिस्सा खाने से बायोटिन की कमी हो जाती हैं। बायोटिन की कमी को विटामिन B7 और विटामिन H कहते हैं। अंडे के सफेद भाग में मौजूद एब्यूमिन के सेवन से शरीर को बायोटिन अवशोषित करने में परेशानी होती है। इस कारण त्वचा संबंधित समस्याएं होती हैं। इसे खाने से मांसपेशियों में दर्द, बालों का झड़ना जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। अंडे के सफेद भाग में मौजूद एब्यूमिन का अत्यधिक सेवन करने से शरीर को बायोटिन अवशोषित करने में परेशानी होती है।

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