क्या आप जानते है राष्ट्रीय पशु कौन है? आखिर क्यों शेर को हटा कर इसको दिया गया तमगा

आप जानते है राष्ट्रीय पशु बाघ क्यो बना। हमारे देश में बाघ से पहले राष्ट्रीय पशु शेर हुआ करता था। आपको बता दें, 52 वर्ष पहले 1996 में 9 जुलाई के ही दिन शेर को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया था।

लखनऊ: क्या आप जानते है राष्ट्रीय पशु बाघ क्यो बना। हमारे देश में बाघ से पहले राष्ट्रीय पशु शेर हुआ करता था। आपको बता दें, 52 वर्ष पहले 1996 में 9 जुलाई के ही दिन शेर को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया था। आज मैं आपको बताउंगी की ऐसा क्या हुआ जिसके कारण शेर को राष्ट्रीय पशु से हटा कर बाघ को घोषित कर दिया गया।

रॉयल्टी के प्रतीक है ये पशु

दरअसल, शेर शेर उस समय और आज भी केवल गुजरात के गिर वन में पाए जाते हैं। वहीं, बाघ की बात की जाए तो ये देश के 16 राज्यों में पाया जाता है। ऐसे देखा जाएं तो शेर और बाघ दोनों ही रॉयल्टी के प्रतीक  माने जाते हैं और दोनों ही ताकतवर जानवरों में गिने जाते हैं। शेर को मुगल काल से ही राष्ट्रीय पशु के तौर पर देखा जाता रहा है। उससे भी पीछे जाएं तो सम्राट अशोक के काल में बनाए गए स्तंभों में भी शेर को जगह दी गई।

नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ ने रखा ये प्रस्ताव

बताया जाता है कि ऐसे ही कारणों के चलते शेर को राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया था। अप्रैल 1972 से पहले शेर ही हमारा राष्ट्रीय पशु था। आपको बता दें, साल 2015 में झारखंड के राज्यसभा सांसद परिमाल नाथवानी ने नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ को प्रस्ताव देकर एक बाद बाघ की बजाय शेर को राष्ट्रीय पशु बनाने की राय दी थी, हालांकि इस प्रस्ताव को खारीज कर दिया गया है।

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आज भी शेर या लायन भारत की अलग पहचान के ररूप में जाना जाता है। खासकर अशोक के समय में एतिहासिक एंबलेम के तौर पर ये नजर आते रहे हैं। एक वक्त था जब ये मध्यप्रदेश, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में थे।

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