जौनपुर : पैतृक गांव पहुंचा डॉन मुन्ना बजरंगी का शव, आज होगा अंतिम संस्कार

जौनपुर: पूर्वांचल के कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी का शव उसके पैतृक आवास पहुंच गया है। मगलवार की सुबह उसका शव जौनपुर जिले के सुरेरी थाना क्षेत्र के पूरेदयाल गांव पहुंचा दिया गया। मुन्ना के घर में मातम मचा हुआ है। वहीं हालात की संवेदनशीलता समझते हुए इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

मुन्ना बजरंगी

आपको बता दें सोमवार की सुबह बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। मुन्ना हत्या सुनील राठी ने की। हत्या के लिए इस्तेमाल किये गए हथियार भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। हालांकि, हत्या की वजह क्या रही, इसकी छानबीन की जा रही है।

इस बीच मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने पति की हत्या के मामाले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। मुन्ना के परिजनों ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है।  उनका आरोप है कि हमने पहले ही सरकार से मुन्ना की सुरक्षा की मांग की थी लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गयी। वहीँ सीमा का आरोप है कि कई दिग्गज नेताओं ने मिलकर मुन्ना की हत्या करायी है।

पत्नी ने मांगी थी मुन्ना के सुरक्षा 

वहीँ कुछ दिनों पहले मुन्ना की पत्नी सीमा ने कहा था कि मेरे पति की जान को खतरा है। यूपी एसटीएफ और पुलिस उनका एनकाउंटर करने की फिराक में हैं। झांसी जेल में मुन्ना बजरंगी के ऊपर जानलेवा हमला किया गया। कुछ प्रभावशाली नेता और अधिकारी मुन्ना की हत्या करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।

सीमा ने कहा था कि जेल में ही उसके पति के खाने में जहर देने की कोशिश की गई। सीसीटीवी फुटेज में भी इसकी रिकॉर्डिंग है, जिसमें एक एसटीएफ अधिकारी जेल में ही मुन्ना बजरंगी को मारने की बात कह रहे हैं। इसकी शिकायत कई अधिकारियों और न्यायालय से की, लेकिन कहीं से भी सुरक्षा नहीं मिली।

पिछले साल 2017 में बसपा के पू्र्व विधायक लोकेश दीक्षित से मुन्ना बजरंगी और सुल्तीन ने रंगदारी मांगी थी। साथ ही जान से मारने की भी धमकी दी थी। सोमवार को इसी मामले में उसकी बागपत कोर्ट में पेशी थी। काल रत को उसे इस जेल में शिफ्ट किया गया था। जानकारी के मुताबिक, सुबह सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी में झगड़ा हुआ जिसके बाद उसे गोली मार दी गयी। उसपर सुपारी लेकर कई हत्याएं कराने के भी आरोप है।

कौन था मुन्ना बजरंगी 

उसका जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के कसेरूपूरेदयाल गांव में हुआ था। बचपन से ही उसका पढाई में मन नहीं लगता था। उसे जौनपुर के दबंग गजराज सिंह का संरक्षण हासिल हो गया। भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या करके पूर्वांचल में माफिया बन बैठा। 90 के दशक में पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी के गैंग में शामिल हो गया था। मुन्ना ने 29 नवंबर 2005 को कृष्णानंद की हत्या कर दी। मुन्ना बजरंगी का नेटवर्क मुंबई, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में फैला हुआ था।

राय की हत्या के बाद मुन्ना बजरंगी अपराध की दुनिया में दहशत का दूसरा नाम बन गया। इसके बाद यूपी में उसका दबदबा कायम हो गया। अपने बन्दूक के जोर पर उसने कोयला और स्क्रैप व्यापारियों रंगदारी वसूलना शुरू कर दिया।2012 में मड़ियाहू विधानसभा चुनाव से वह चुनाव भी लड़ चुका है। जहां उसे करारी शिकस्त मिली।

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