अपने प्यार के रिश्ते में नकारात्मकता को ना पड़ने दे दरार का कारण

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प्यार शब्द बहले ही ढाई अक्षर का है पर इसके मायने बहुत बड़े हैं । प्यार के आगे सारी दुनिया हार जाती है । बड़ी बड़ी ताकतों की भी प्यार की ताकत के आगे कभी कहा चली है भला । हम सभी बचपन से ही प्यार को लेकर ना जाने कितनी कहानियाँ सुनते आए हैं ।

कभी माँ बेटी , कभी पेरेंट्स और ब्क्क्झोन की , तो कभी प्यार में पड़े कुछ प्रेमियों की । हम सभी ने राधा कृष्ण की ,तो कभी हमने हयिर रांझा की इन सभी कहानिया तो सुनी और पढ़ी ही है । पर हम जेबी बात आज की प्रेम गाथा की करें तो आज रिश्तों में प्यार कम और एक दूसरे के प्रति शक ज्यादा पाया जा रहा है ।

हम सभी के साथ ऐसा होता है, जब एक समय पर आकर प्यार भरा रिश्ता नकारात्मकता से भर जाता है। हर रिश्ते में इसकी वजह अलग-अलग हो सकती है। लेकिन समाधान करने के तरीके लगभग एक जैसे ही हैं। अगर आपको भी अपने रिश्ते से ऊब होने लगी है या प्यार में वो पहले वाला स्पार्क नहीं रहा है तो आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत है।

अगर आपका प्यार भरा रिश्ता किसी बुरे दौर से गुजर रहा है तो आप दोनों साथ बैठकर शांत मन से बात करें। प्लान करें कि आप दोनों अपने रिश्ते से क्या चाहते हैं। जो दिक्कतें है वे क्यों आ रही हैं और उनकी समाधान क्या है? दोनों एक-दूसरे से अपनी इच्छाएं जरूर बताएं। फिर दोनों पार्टनर की इच्छा का सम्मान करते हुए सुधार का प्रयास करें। ऐसा करना आपके रिश्ते के लिए किसी टॉनिक की तरह होगा।

यदि आपको लग रहा हाई की समय की कमी ही आपके प्यार की दुश्मन बन रही है तो छोटे छोटे पलों को आफ्ना खास पल बनाए और एक दूसरे को सामझने की और उस सामय के अनुसार जो डिमांड हैं उसे समझें । ना की नकारात्मकता को मन में ला कर अपना रिशग्ता बर्बाद करें ।

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