बाइक ने ली नवविवाहिता की जान, पुलिस ने चिता से उठाया शव

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देहरादून। दहेज ने एक और जान ले ली लेकिन यह पहली बार नहीं हुआ है। रुड़की से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। रुड़की के एक गांव में दहेज में बाइक न मिलने से नाराज ससुरालियों ने नवविवाहिता को मारने के बाद जल्दी-जल्दी में उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया लेकिन मायके के लोगों की सूचना पाकर पुलिस ने अधजला शव ही उठा लिया।

पति हुआ गिरफ्तार
दहेज हत्या में पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर लिया गया। शव का पोस्टमार्टम कराते हुए मायके वालों के सुपुर्द कर दिया गया। भगवानपुर के रुहालकी दयालपुर गांव के शेर सिंह ने साल भर पहले सात मई 2014 को अपनी बेटी गुड़िया की शादी पनियाला गांव के राजू के साथ की थी। मायके वालों की मानें तो ससुराल पक्ष लगातार बाइक की डिमांड कर रहा था।

पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पनियाला गांव से पड़ोसियों ने नवविवाहिता के तबियत बिगड़ने की सूचना नवविवाहिता के घरवालों को दी। नवविवाहिता के पिता शेर सिंह, भाई रामकुमार आदि ससुराल पहुंचे तो पता चला कि गुड़िया को रुड़की के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पर मायके वाले अस्पताल पहुंचे। लेकिन, इससे पहले ही गुड़िया की मौत होने पर ससुराल वाले उसका शव गांव ले जा चुके थे।

जल्दबाजी में किया गया अंतिम संस्कार
दोबारा गांव पहुंचने पर शमशान घाट पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया जा रहा था। मायके वालों की सूचना पर गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल टीम सहित गांव पहुंचे और जलती चिता से शव को उठाकर कब्जे में ले लिया। अचानक पुलिस पहुंचने से शमशान में भगदड़ मच गई।

पुलिस को रात में दी गई तहरीर
पुलिस ने रात में ही गुड़िया के पिता शेर सिंह की तहरीर पर विवाहिता के पति राजू, सास धर्मवीरी, ससुर सुक्का व देवर प्रदीप और राजवीर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया। कोतवाल जवाहर लाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव मायके वालों सौंप दिया गया है, फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पिता का बुरा हाल
नवतविवाहिता के पिता शेर सिंह व भाई रामकुमार मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता है। बेटी के आखिरकार दहेज की भेंट चढ़ जाने पर फूट-फूट कर रो रहे लाचार पिता ने मजबूरी जताई कि तंगी की हालत में वह बाइक कहां से लाता। वहीं गुड़िया की बड़ी बहन बबीता, छोटी बहन प्रियंका व भाई पिंकू का भी रो रोकर बुरा हाल रहा।

जनवरी में पूरी होनी थी डिमांड
मायके वालों ने पुलिस को बताया कि गुड़िया को पिछले महीने भी मारपीट कर घर से निकाल दिया गया था। कई दिन मायके में रहने के बाद गुड़िया के भाई रामकुमार ने जीजा राजू को जनवरी में बाइक दिलाने का वायदा किया था। इसके बाद गुड़िया वापस ससुराल आई थी।

हत्या से ग्रामीणों में आक्रोश
गुड़िया की दहेज के कारण हत्या और गुपचुप दाह संस्कार की खबर मायके वालों के गांव रुहालकी दयालपुर में जंगल की आग की तरह फैल गई। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण शेर सिंह के परिवार के साथ सिविल अस्पताल शव लेने पहुंचे। उन्होंने दहेज हत्या पर आक्रोश जताया।

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