Dr. B. R. Ambedkar की 130वीं Jayanti, जानें उनसे जुड़ी 10 जरूरी बातें

नई दिल्लीः देश इस बार भारत रत्न संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर 130वीं जयंती (Ambedkar Jayanti) आज बुधवार 14 अप्रैल को मना रहा है। एक सामाजिक-राजनीतिक सुधारक के रूप में अंबेडकर की विरासत का आधुनिक भारत पर गहरा असर हुआ है। जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जो अंबेडकर (Ambedkar) के विचारों से प्रभावित न हों।

उन्होंने अपना पूरा समय समाज के लिए दिया

स्वतंत्रता के बाद भारत में उनके सामाजिक-राजनैतिक विचारों को पूरे राजनीतिक स्पेक्ट्रम में सम्मानित किया जाता है। भारत के सामाजिक, आर्थिक नीतियों और कानूनी ढांचों में अगर आज कहीं भी प्रगतिशील बदलाव दिखता है तो सिर्फ अंबेडकर की वजह से क्योंकि उन्होंने अपना पूरा समय समाज के लिए दिया है।

डॉ. अंबेडकर के वे विचार आज भी प्रासंगिक हैं, जानिए उनके विचारों  को जो आज भी लोग उनके विचारों को अपनाते है।

1-मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है।

2-मैं एक समुदाय की प्रगति को उस डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है।

3-वे इतिहास नहीं बना सकते जो इतिहास को भूल जाते हैं”

4-शिक्षित बनो, संगठित रहो और उत्तेजित बनो।

5-धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए।

6-मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं।

7-एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है।

8-समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।

9-बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।

10-मानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।

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इस धर्म की नही हो सकती है तुलना

उनका कहना है कि मैं बुद्ध के धर्म को सबसे अच्छा मानता हूं, इस धर्म से किसी धर्म की तुलना नहीं की जा सकती है अगर एक आधुनिक व्यक्ति जो विज्ञान को मानता है, उसका धर्म कोई होना चाहिए, तो वह धर्म केवल बौद्ध धर्म हो सकता है सभी धर्मों के घनिष्ठ अध्ययन के पच्चीस वर्षों के बाद यह दृढ़ विश्वास मेरे बीच बढ़ गया है।

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