ड्रैगन की गुस्ताखी: सिक्किम में दो किमी तक अंदर घुसे चीनी सैनिक, भारतीय सेना ने खदेड़ा

गंगटोक: डोकलाम विवाद पर मुंह की खाने के बाद हताश चीन लगातार घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है। आरोप है कि ड्रैगन ने एक बार फिर से गुस्ताखी करते हुए भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने सिक्किम के पश्चिमी जिले नाकू में कथित तौर पर चढ़ाई करने की कोशिश की। इस दौरान वह भारतीय सीमा में करीब दो किलोमीटर अंदर तक घुस आए। भारतीय सेना ने मानव चेन बनाकर उन्हें रोका है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, सभी चीनी सैनिकों को बाद में उनके सेंटर भेज दिया गया है।

चीनी सैनिकों ने वापस जाने से किया इनकार

खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 50 चीनी सैनिक भारतीय सीमा क्षेत्र का उल्लंघन कर नाकू में घुस आए। पीएलए सैनिक चार घंटे तक वहीं खड़े रहे। इस दौरान उन्होंने वापस लौटने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने एक बैनर के जरिए उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश की ताकि वो अपने इलाके में वापस लौट जाएं। जिसके बाद घुसपैठ कर भारतीय सीमा क्षेत्र में मौजूद चीनी सैनिक वापस लौट गये। अधिकारी के अनुसार चीन और भारतीय सैनिकों की टकराव दोनों पक्षों को भड़काने का काम कर सकती थी, लेकिन भारत ने अपने विरोधियों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।

भारतीय सेना ने मानव चेन बनाकर वापस भेजा

अधिकारी ने आगे बताया कि चार घंटे की जद्दोजहद के बाद भी चीनी सैनिक वापस अपने सीमा क्षेत्र में नहीं लौटे तो करीब 100 भारतीय जवानों ने मानव चेन बनाकर उन्हें रोका, उनकी किसी भी गतिविधि पर रोक लगा दी गई। इस दौरान दोनों पक्षों की बीच तीखी नोक-झोंक हुई। बैनर ड्रिल के बाद स्थिति को नियंत्रण में किया गया। इसके बाद पीएलए सैनिक वापस अपने क्षेत्र में लौट गए।

3,488 किमी की भारत चीन-सीमा

आपको बता दें कि चीन और भारत के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा क्षेत्र है। चीनी सौनिकों की इस तरह भारतीय सीमा क्षेत्र में घुसकर सेना से झड़प करना पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के सीमा क्षेत्र को लेकर विवाद होता रहा है। वहीं डोकलाव विवाद को लेकर तो दोनों देशों में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गये थे। हालांकि बाद में चीनी सेना डोकलाम से वापस लौट गई थी।

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