वाराणसी में पेयजल पाइप लाइन ठप,जिम्मेदार अफसर जायेंगे जेल

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद भी अधूरी पड़ी पेयजल पाइप लाइन योजना पर कड़ा रुख अपनाया है। योगी ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जुलाई के पहले सप्ताह में ही जेल भेजने का आदेश दिया है। सीएम ने समीक्षा बैठक में यहां तक कहा कि जल निगम वेंटिलेटर पर है। हमें उसका विकल्प तलाशना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोकभवन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि सबसे ज्यादा शिकायतें जल निगम से ही मिल रही हैं। हमें व्यापक कार्ययोजना बनाकर इसका विकल्प तलाशना चाहिए।

सीएम ने कहा कि वाराणसी में पाइप पेयजल योजना के तहत अब तक एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद काशी में पानी की दिक्कत है। 2010 से 30 जून 2019 तक जो भी लोग इस योजना से जुड़े रहे हैं, सबकी जवाबदेही तय की जाए।
जिन लोगों की वजह से यह योजना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है, जुलाई के पहले सप्ताह में ही उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जाए।

राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए तैयार करें कार्ययोजना

सीएम ने जुलाई में प्रस्तावित राष्ट्रीय गंगा परिषद की प्रथम बैठक, कानपुर टेनरीज और गंगा सफाई के मुद्दे पर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नगर विकास, वन एवं पर्यावरण, पंचायतीराज और सिंचाई विभाग राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए कार्ययोजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए गढ़मुक्तेश्वर, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में से किसी एक जगह का चयन किया जाए।

25 जिलों में होगा गंगा कमेटियों का गठन
मुख्यमंत्री ने गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि बिजनौर से लेकर बलिया तक के 25 जिलों में जिला गंगा कमेटियों का गठन किया जाए। इनसे सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी 1557 ग्राम प्रधानों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई जनजागरूकता से ही संभव है।

कानपुर की टेनरीज में कमियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर होगी कार्रवाई

कानपुर की टेनरीज के संबंध में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि कमेटी की जांच में जिन टेनरीज में कमियां पाई गई हैं और इसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही जो टेनरीज चलने लायक हैं, उन्हें शुरू किया जाए।
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