5 जनवरी से यूपी के इन जिलों में होगा ड्राई रन (Dry run) का आयोजन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कोविड वैक्सीन (Covid-19) के टीकाकरण के लिए शनिवार को लखनऊ में छह अलग-अलग स्थानों पर ड्राई रन किया गया। सूबे के चिकित्सा, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद (Amit Mohan Prasad) ने बताया कि पांच जनवरी को प्रदेश के सभी 75 जिलों में 6-6 स्थानों पर वैक्सीनेशन के लिए ड्राई रन (Dry run) आयोजित किया जायेगा। जिलों में ड्राई रन तीन ग्रामीण और तीन शहरी क्षेत्रों में आयोजित होगा।

लखनऊ में ड्राई रन (Dry run) की जानकारी देते हुए लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय भटनागर ने बताया कि जिले में प्रशिक्षित वैक्सीनेटर्स द्वारा कोविड वैक्सीन का ड्राई रन किया गया। इसके तहत कुल सात सत्र संचालित किए गए जिसमें केजीएमयू में दो, एसजीपीजीआई, राम मनोहर लोहिया संस्थान, सहारा अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माल और मलिहाबाद में एक-एक सत्र आयोजित हुआ। प्रत्येक सत्र के लिए एक टीम जिसमें पांच टीकाकरण कर्मी तथा 25-25 लाभार्थी थे।

ड्राई रन के दौरान वैक्सीन के प्रभाव की हुई समीक्षा

डॉ भटनागर ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी को भी वैक्सीन नहीं लगायी गयी बल्कि केवल वैक्सीन का मॉक ड्रिल हुआ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आज की पूरी गतिविधि के माध्यम से बायोमेडिकल वेस्ट का निष्पादन करने, ओब्सेर्वेशन कमरे में लाभार्थी को रखने के बाद वैक्सीन का प्रतिकूल प्रभाव देखने और उसका इलाज करने का ड्राई रन (Dry run) किया गया। प्रत्येक सत्र के लिये तीन कमरों में टीकाकरण केंद्र बनाये गए। पहला रूम वेटिंग रूम जिसमें लाभार्थी का वेरिफिकेशन करने के उपरांत उसे बैठाया गया तथा कोविड पोर्टल पर डाटा अपलोड किया गया।

दूसरा रूम वैक्सीनेशन रूम, जहां पर लाभार्थियों को टीका लगाया गया। तीसरा रूम ऑब्जरवेशन रूम, जिसमें टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को करीब आधे घंटे तक बैठाया गया। जहां पर 30 मिनट के भीतर टीका लगने वाले व्यक्ति पर टीके के प्रतिकूल प्रभाव पर विशेष नजर रखी गयी। इसके लिए एक स्पेशलिस्ट टीम तैनात थी जिसमें डाक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ शामिल रहे, जो एडवर्स इफेक्ट फालोइंग इम्युनाइजेशन किट के साथ देखरेख कर रहे थे। वैक्सीनेशन के 30 मिनट बाद ही लाभार्थी घर भेजा गया।

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