इस वजह से बढ़ेगा Noida में निवेश, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

नई दिल्ली: नोएडा विकास प्राधिकरण की बोर्ड के 201वीं बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. शहर की सामाजिक संस्थाओं द्वारा वाटर और सीवर चार्जेस पर लगने वाले पेनल्टी और ब्याज दर को कम करने के प्रस्ताव को नोएडा विकास प्राधिकरण ने बोर्ड के सामने रखा. इस प्रस्ताव को बोर्ड की तरफ से मंजूरी मिल गयी है. इस प्रस्ताव के तहत पेनल्टी और ब्याज पर 50 फीसदी तक की राहत नोएडा (Noida) शहर के लोगों को मिलेगी.

एमनेस्टी स्कीम को बोर्ड से मंजूरी

ऋतु माहेश्वरी (प्राधिकरण की सीईओ) का कहना है कि इससे नोएडा (Noida) के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों आवंटियों को बड़ा फायदा मिलेगा.उन्होने बताया कि आम लोगों और औद्योगिक संगठनों की मांग पर 3 महीने के लिए एमनेस्टी स्कीम का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है.

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जिसके बाद यह तय हुआ है कि अगर कोई आवंटी 31 दिसंबर 2020 तक की जल प्रभार राशि 31 जनवरी तक जमा कर देता है तो उसे ब्याज दर में 40% की छूट दी जाएगी. वहीँ 1 फरवरी से लेकर 28 फरवरी के जल प्रभार राशि जमा करने पर 30%  की छूट मिलेगी, जबकि 1 मार्च से 31 मार्च तक पैसा जमा करने वालों को 20% की छूट दी जाएगी.

Noida में युवाओं के लिए बढ़ेगा रोजगार

बैठक में इस बात पर भी सहमती बनी कि मेगा, मेगा प्लस और सुपर मेगा में आने वाली कंपनियों को बहुत जल्द भूखंड आवंटित किये जायेंगे. माना जा रहा है कि ऐसा करने से नोएडा (Noida) में इन्वेस्टमेंट बढेगा. इस प्रोजेक्ट में युवाओं को रोजगार भी मिलेगा.

क्या हैं मेगा कैटेगरी के मानक

नोएडा विकास प्राधिकरण की इस बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया. प्राधिकरण के मुताबिक अब कम से कम 200 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली इंडस्ट्री को  मेगा कैटेगरी में रखा जायेगा. अभी तक 500 करोड़ रुपये तक का निवेश और 1000 से ज्यादा लोगों को नौकरी देने वाली कंपनी को इस श्रेणी में रखा गया है.

नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 500 करोड़ से ज्यादा और 1000 करोड़ से कम निवेश करने वाली कंपनी को मेगा प्लस इंडस्ट्री माना जायेगा. जिन कपनियों ने 2000 से अधिक लोगों को नौकरियां दी है वो भी इसी श्रेणी में शामिल होंगी

सुपर मेगा कैटेगरी में 4000 नौकरी

औद्योगिक गतिविधियों में 1000 करोड़ रुपए से अधिक पूंजी निवेश या 4000 से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली कंपनियों को सुपर मेगा कैटेगरी में शामिल किया गया है.

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