बिहार शिक्षामंत्री के बचाव में उतरी Dy.CM रेणु देवी, बोलीं, ‘आरोप लगने से कोई दोषी नहीं बनता’

मेवालाल का बचाव करते हुए रेणु देवी ने सफाई दी कि पक्ष और विपक्ष एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं। रेणु यादव ने लालू सरकार की बात करते हुए कहा कि लालू सरकार को काम करने की आदत ही नहीं है।

पटना: बिहार चुनाव में एनडीए की जीत के बाद नीतीश कुमार के शपथ के साथ ही मंत्री मंडलों का बटंवारा हो गया है। मंत्री मंडल के बंटवारे के साथ ही बिहार की राजनीति में राजनैतिक उठापटक भी शुरू हो गया।

पक्ष विपक्ष एक दुसरे पर वार करने का एक भी मौका नही छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में बिहार के शिक्षा मंत्री का पद संभालने वाले मेवालाल चौधरी को विपक्ष आड़ें हाथों लेने का एक भी मौका नही छोड़ रही है।

मेवालाल चौधरी के शिक्षामंत्री की शपथ लेने के बाद से ही उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने शुरू हो गए। मेवालाल चौधरी को शिक्षामंत्री के पद से हटाने तक की बात भी कही जा रही है।

मेवालाल चौधरी एक सुलझे हुए और अच्छे इंसान : रेणु देवी

ऐसे में बिहार की नवनिर्वाचित डिप्टी सीएम रेणु देवी ने उनका बचाव करते हुए कहा कि आरोप लग जाने से कोई भी व्यक्ति दोषी नही हो जाता है। रेणु देवी ने बताया कि मेवालाल चौधरी बहुत ही सुलझे हुए और अच्छे इंसान हैं।

मेवालाल का बचाव करते हुए रेणु यादव ने सफाई दी कि पक्ष और विपक्ष एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं। रेणु यादव ने लालू सरकार की बात करते हुए कहा कि लालू सरकार को काम करने की आदत ही नहीं है।

मेवालाल पर विपक्ष की तरफ से लग रहे आरोपों के कारण बुद्धवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मेवालाल को मिलने के लिए बुलाया था।

घोटाला करने वाले को मंत्री बनाकर एनडीए ने अपनी मंशा साफ कर ही

लालू यादव ने मेवालाल चौधरी के शिक्षामंत्री बनने के बाद बयान दिया था कि जहां एक तरफ तेजस्वी ने अपनी पहली कैबिनेट के साथ ही लोगों को दस लाख नौकरी देने की बात कही थी तो वहीं दूसरी तरफ एनडीए ने घोटाला करने वाले मेवालाल चौधरी को शिक्षामंत्री बना कर पहले ही अपना मंशा साफ कर दी है।

नौकरियों में घपला करने का आरोप

दरअसल मेवालाल चौधरी भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं। 2017 में उन पर 161 असिस्टेंट प्रोफेसर के गलत तरीके से बहाली के आरोप लगे थे। नौकरी में घपलेबाजी करने के मामले में उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था।

उस वक्त बिहार के राज्पाल रामनाथ सिंह कोविंद ने उनके खिलाफ जांच के आदेश भी दिये थे। मेवालाल चौधरी पर लगे सभी आरोप सही साबित हुए थे।

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