चंद्रबाबू नायडू से EC ने पूछा सवाल, कहा- आपकी टीम में EVM चोरी का आरोपी कैसे?

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के बाद आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को चुनाव से ईवीएम मशीनों में खराबी को लेकर मुलाकात किया. नायडू के मुलाक़ात के बाद मालूम पड़ा कि उनकी टीम में जो ईवीएम (EVM) एक्सपर्ट है. वह ईवीएम चोर है. नायडू के शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने नायडू के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए एक पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है. जिस पत्र में आयोग की तरफ से कहा गया है कि उनके टीम में जो हरी प्रसाद नाम का एक्सपर्ट है. उसके खिलाफ ईवीएम चोरी का आरोप है. फिर उन्होंने कैसे अपनी टीम में उसे नियुक्त किया.

दरअसल पहले चरण 11 अप्रैल को हुए मदतन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में खराबी की शिकायत को लेकर शनिवार को चंद्रबाबू नायडू नई दिल्ली चुनाव के दफ्तर पहुंचे. उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर आरोप लगाया कि पहले चरण के दौरान भारी संख्या में ईवीएम खराब हुईं और ऐसे में 150 पोलिंग स्टेशनों पर दुबारा मतदान कराया जाए. उन्होंने ‘एक्सपर्ट’ के हवाले से दावा किया था कि आंध्र प्रदेश में पहले चरण के दौरान 4,583 ईवीएम में खराबी आई. जो पहले तो चुनाव उनकी बातों को मानने से इंकार कर दिया. वहीं नायडू के साथ चुनाव आयोग के दफ्तर गए ईवीएम एक्सपर्ट हरी प्रसाद को चुनाव के अधिकारियों ने पहचान लिया और कहा कि हरी प्रसाद के ऊपर ईवीएम चोरी का आरोप है. आपने इसे कैसे नियुक्त किया.

बता दें कि चंद्रबाबू नायडू जिस हरी प्रसाद को बतौर ‘ईवीएम एक्सपर्ट, नियुक्त किया है. उसे साल 2010 में ईवीएम चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई थी. वह ईवीएम पर 2009 से ही सवाल उठाता रहा है. चुनाव आयोग द्वारा 2009 में आयोजित हैकथॉन में भी उसने हिस्सा लिया था, मगर यह साबित नहीं कर पाया कि ईवीएम को हैक या टैंपर किया जा सकता है.

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