EC: ट्विटर, व्हाट्सऐप और फेसबुक ने 500 से ज्यादा पोस्ट, विज्ञापन हटाए, कर रहे थे आचार संहिता का उल्‍लंघन

 ट्विटर, वाट्सएप और फेसबुक ने 500 से ज्यादा पोस्ट, विज्ञापन, अकाउंट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री हटा दी। इन्हें आचार संहिता का उल्लंघन करने वाला पाया गया। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के निर्देश पर 10 और 11 अप्रैल को की गई। आयोग ने कहा है, ‘468 फेसबुक पोस्ट की रिपोर्ट की गई थी।

इन पोस्टों में आचार संहिता का उल्लंघन और मतदाताओं को गलत सूचना देने वाले शामिल हैं। ट्विटर ने 2 अकाउंट हटा लिए गए हैं जबकि 39 अन्य पर कार्रवाई संभव है। इनमें से एक CEO उत्तर प्रदेश का अकाउंट है।

39 ट्वीट को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाला माना गया। पहले चरण के चुनाव में PAID NEWS के 56 मामले आयोग ने पहले चरण के चुनाव के दौरान पेड न्यूज के 56 मामले पाए गए।

53 मामले तेलंगाना के और तीन झारखंड के हैं। चुनाव आयोग के महानिदेशक धीरेंद्रनाथ ओझा ने बताया कि अगले चरण के लिए आयोग को 36 पेड न्यूज की शिकायतें मिली हैं।

इसमें 20 जम्मू एवं कश्मीर और 16 छत्तीसगढ़ से हैं। गुरुवार को पहले चरण का मतदान होने के दिन यह आदेश दिया गया है। चुनाव आयोग के आदेश पर पुलिस ने देश भर में स्वर्ण आभूषण की खेप जब्त कर ली थी।

अप को बता दें की चुनावी सभाओं के दौरान अपने भाषणों की वजह से बसपा प्रमुख मायावती और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव आयोग के निशाने पर आ गए हैं। आयोग ने दोनों को ही नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। आयोग ने यह नोटिस धर्म आधारित बयानों के लिए दिया है।

मायावती ने जहां देवबंद में सात अप्रैल को दिए गए भाषण में मायावती ने मुसलमानों से गठबंधन को एकतरफा वोट देने की अपील की थी। वही योगी आदित्यनाथ ने 9 अप्रैल को मेरठ में कहा था कि अगर सपा-बसपा और कांग्रेस को अली पर यकीन है तो हमें बजरंगबली पर।

चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर नोटिस मिलने के 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। आयोग ने योगी को आचार संहिता के उल्लंघन को दोषी पाते हुए उनके बयान को लेकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। वहीं मायावती को भी आयोग ने कहा है कि वे इस मामले में जवाब दें। आयोग ने मायावती को सेक्शन 123(3) और पीपुल एक्ट 1951 के तहत भेजा है जो धर्म के आधार पर वोट देने की अपील को गलत मानता है।

बता दें कि योगी आदित्यनाथ को आयोग ने यह दूसरा नोटिस भेजा है। इससे पहले भी आयोग ने उन्हें मोदी जी की सेना वाले बयान को लेकर नोटिस जारी किया था।

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